AI: एआई से मदद लेना पड़ा भारी, हुई ऐसी गलती कि चली गई नौकरी, शख्स ने सोशल मीडिया पर बयां किया दर्द

Jagriti
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीJagriti
Thu, 26 Feb 2026 05:30 PM IST
सार

AI coding error India

: क्या एआई आपकी नौकरी बचा सकता है या छीन सकता है? एक भारतीय डेवलपर के लिए यह सवाल हकीकत बन गया। वर्क प्रेशर और सख्त डेडलाइन के बीच कोड जनरेट करने के लिए एआई टूल्स का सहारा लेना इस डेवलपर को इतना भारी पड़ा कि कंपनी का पूरा प्रोडक्शन सिस्टम क्रैश हो गया। रेडिट पर वायरल हुई इस केस ने अब टेक जगत में एआई बनाम मानवीय सूझबूझ और कार्यस्थल पर बढ़ते दबाव पर एक नई बहस छेड़ दी है।

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AI Code Leads Production Crash: Indian Developer Fired, Viral Reddit Post Sparks Accountability Debate
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Freepik

    विस्तार

    एक भारतीय सॉफ्टवेयर डेवलपर को प्रोडक्शन सिस्टम क्रैश होने के बाद नौकरी से निकाल दिया गया। आरोप है कि उसने दबाव में एआई टूल्स से कोड जनरेट किया, जो बाद में गंभीर बग की वजह बना। घटना पर आधारित एक वायरल पोस्ट ने एआई-आधारित कोडिंग, टीम रिव्यू की जिम्मेदारी और स्टार्टअप कल्चर के दबाव पर तीखी बहस शुरू कर दी है।

    बताया जा रहा है कि शुरुआत में सब ठीक था, लेकिन जैसे ही प्रोजेक्ट की समयसीमा (Deadlines) सख्त हुई, डेवलपर ने तेजी से काम निपटाने के लिए एआई टूल्स का सहारा लेना शुरू कर दिया था। इसके बाद रात के 11 बजे टीम को अचानक अलर्ट मिला कि प्रोडक्शन सर्वर क्रैश हो गया है। घंटों की मशक्कत के बाद जब कोड की गहराई से जांच की गई, तो पता चला कि गड़बड़ी उसी हिस्से में थी जिसे एआई की ओर से जनरेट किया गया था।

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    गड़बड़ी का कारण

    : जांच में सामने आया कि डेवलपर ने न केवल AI से कोड लिखवाया, बल्कि उसकी समीक्षा (Review) भी AI से ही करवाकर उसे सीधे मर्ज कर दिया। जिसका नतीजा ये निकला कि कोड इतना पेचीदा था कि टीम को बग ढूंढने और उसे ठीक करने में पसीने छूट गए।

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    नौकरी गई, पर बहस शुरू हुई

    उत्पादन में यह डेवलपर की दूसरी बड़ी गलती थी, जिसके बाद कंपनी ने उसे तुरंत नौकरी से निकाल दिया, लेकिन इस खबर के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया दो गुटों में बंट गया है:

    1.डेवलपर की गलती

    : कई लोगों का मानना है कि AI के कोड पर बिना सोचे-समझे भरोसा नहीं करना चाहिए।

    2. मैनेजमेंट की विफलता

    : वहीं, कुछ आलोचकों का तर्क है कि एक जूनियर डेवलपर के कोड को बिना सीनियर की मैन्युअल समीक्षा के लाइव कैसे होने दिया गया? क्या कोड रिव्यु करने वाली टीम और मैनेजर जिम्मेदार नहीं हैं?

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    AI एक सहायक है, विकल्प नहीं

    यह घटना उन लाखों डेवलपर्स के लिए एक चेतावनी है जो पूरी तरह AI पर निर्भर हैं। आज GitHub Copilot, ChatGPT जैसे AI टूल्स डेवलपर्स के लिए आम हो चुके हैं। ये कोड जनरेट करते हैं, बग फिक्स सुझाते हैं, डाक्यूमेंटेशन बनाते हैं। ऐसे में टेक एक्सपर्ट का कहना है कि AI टूल्स कोड लिखने में मदद तो कर सकते हैं, लेकिन लॉजिक और सुरक्षा की अंतिम जिम्मेदारी इंसान की ही होनी चाहिए।

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