सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों से कहा: कंटेंट की जिम्मेदारी लें, चुनाव के वाद डीपफेक के खिलाफ आएगा कानून
भारत जैसे जीवंत और विविधतापूर्ण लोकतंत्र में गलत सूचना वास्तव में बहुत हानिकारक हो सकती है। यह समाज के लिए, लोकतंत्र के लिए, चुनावी प्रक्रिया के लिए हानिकारक हो सकता है और यह वास्तव में हमारे भविष्य और समाज के सद्भाव को बड़े पैमाने पर प्रभावित कर सकता है।

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केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने डिजिटल प्लेटफॉर्म फेसबुक की मूल कंपनी मेटा, गूगल, अमेजन और माइक्रोसॉफ्ट सहित अन्य को फटकार लगाई है। उन्होंने कहा है कि उनके प्लेटफॉर्म पर जो भी कंटेंट पब्लिश होते हैं, वे उनकी जिम्मेदारी लेना शुरू करें और समाज और लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने वाली गलत सूचनाओं का मुकाबला करने के लिए तकनीकी और व्यावसायिक प्रक्रिया समाधान तैयार करें। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सरकार डीपफेक और गलत सूचनाओं से निपटने के लिए एक सुविचारित कानूनी ढांचे को चुनाव के बाद अंतिम रूप देगी।
उन्होंने कहा कि भारत जैसे जीवंत और विविधतापूर्ण लोकतंत्र में गलत सूचना वास्तव में बहुत हानिकारक हो सकती है। यह समाज के लिए, लोकतंत्र के लिए, चुनावी प्रक्रिया के लिए हानिकारक हो सकता है और यह वास्तव में हमारे भविष्य और समाज के सद्भाव को बड़े पैमाने पर प्रभावित कर सकता है।
उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से एडवाइजरी जारी की गई है जिसमें सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली गलत सूचनाओं और डीपफेक के प्रति जीरो टॉलरेंस पर जोर दिया गया है। "हम सोशल मीडिया कंपनियों के साथ अपनी चर्चाओं में बहुत स्पष्ट रहे हैं। उन्होंने कई कदम उठाए हैं, वे लगातार कई कदम उठा रहे हैं और चुनाव खत्म होने के तुरंत बाद, हम निश्चित रूप से बहुत अच्छी तरह से विचार-विमर्श के साथ सामने आएंगे।''
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