सोशल मीडिया: क्या है ट्विटर की पॉलिसी, किन मामलों में लगाता है मैनिपुलेटेड मीडिया का लेवल

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Wed, 16 Jun 2021 04:15 PM IST
सार

आमतौर पर फेसबुक पर जब मारपीट का या कोई हिंसक वीडियो शेयर किया जाता है तो फेसबुक उसे ब्लॉक करता है या फिर ब्लर कर देता है, लेकिन ट्विटर ऐसा नहीं करता है।

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Twitter Rules and policy in Hindi when twitter mark manipulation label on any tweet
Twitter policy - फोटो : amarujala

    विस्तार

    ट्विटर और भारत सरकार का विवाद अब काफी पुराना हो गया है। पिछले दो साल से भारत सरकार और माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर के बीच तनातनी चल रही है। आए दिन दोनों तरफ से कोई-ना-कोई विवाद हो रहा है। अभी हाल ही में भारत सरकार की सोशल मीडिया को लेकर जारी नई प्राइवेसी के बाद भी काफी विवाद हुआ। ट्विटर ने पहले दिल्ली हाईकोर्ट में बताया कि उसने अंतरिम मुख्य अनुपालन अधिकारी नियुक्त कर दिया है, जबकि ट्विटर ने यह फैसला सरकार की ओर से दी गई आखिरी नोटिस के बाद लिया है। कुछ दिन पहले ही भाजपा के एक नेता के ट्वीट को ट्विटर ने मैनिपुलेटेड मीडिया बता दिया था। ट्विटर की कंटेंट पॉलिसी को लेकर सोशल मीडिया पर हमेशा एक बहस छिड़ी रहती है। लोगों को लगता है कि ट्विटर की पॉलिसी सभी के लिए एक समान नहीं है। कई बार ऐसा हुआ भी है कि विवाद के बाद ट्विटर ने अपने फैसले बदले हैं। आइए ट्विटर की कंटेंट पॉलिसी को आसाना भाषा में समझने की कोशिश करते हैं कि आखिर किस परिस्थिति में ट्विटर किसी ट्वीट को मैनिपुलेटेड या फिर फर्जी बताता है?

    ताजा मामला क्या है?

    हाल ही में यूपी के गाजियाबाद में एक मुस्लिम बुजुर्ग की दाढ़ी काटे जाने का वीडियो ट्विटर खूब शेयर हुआ और यहां तक कि ट्विटर पर धार्मिक भावनाएं भड़काए जाने का केस भी दर्ज हो गया है। पुलिस ने भी इस वायरल वीडियो के साथ किए जा रहे दावे को फर्जी बताया है लेकिन ट्विटर ने अभी तक वीडियो को ना ही फ्लैग किया है, ना ही उसे अपने प्लेटफॉर्म से हटाया है। आमतौर पर फेसबुक पर जब मारपीट का या कोई हिंसक वीडियो शेयर किया जाता है तो फेसबुक उसे ब्लॉक करता है या फिर ब्लर कर देता है, लेकिन ट्विटर ऐसा नहीं करता है।

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    क्या कहती है ट्विटर की पॉलिसी?

    Twitter ने अपनी वेबसाइट पर साफतौर पर लिखा है कि वह किसी भी तरह के हिंसा, उत्पीड़न और इसी तरह के अन्य व्यवहार को अपने प्लेटफॉर्म पर अनुमति नहीं देता है तो फिर यहां सवाल उठता है कि जब गाजियाबाद का मारपीट वाला वीडियो वायरल हो रहा है तो ट्विटर पर उस पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा, ट्विटर यहां अपनी पॉलिसी को क्यों लागू नहीं कर रहा।

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    • हिंसात्मक धमकी:आप किसी भी व्यक्ति या समूह को हिंसात्मक धमकी नहीं दे सकते। हम हिंसा के महिमामंडन पर भी रोक लगाते हैं।
    • आतंकवाद/हिंसक उग्रवाद:आप धमकी अथवा आतंकवाद या हिंसक उग्रवाद को बढ़ावा नहीं दे सकते।
    • बाल यौन शोषण:हम Twitter पर बाल यौन शोषण को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करते हैं।
    • अपमान/उत्पीड़न:आप किसी व्यक्ति विशेष का उत्पीड़न नहीं कर सकते और ना ही अन्य लोगों को ऐसा करने के लिए उकसा सकते हैं. इसमें किसी भी व्यक्ति को शारीरिक नुकसान पहुंचाने की इच्छा या उम्मीद करना शामिल है।
    • घृणा करने वाला व्यवहार:आप जाति, जातीयता, राष्ट्रीय मूल, वर्ण, लिंग, लैंगिक पहचान, धार्मिक संबद्धता, आयु, विकलांगता या गंभीर बीमारी के आधार पर अन्य लोगों के खिलाफ हिंसा भड़काने, धमकाने या उत्पीड़न करने जैसा व्यवहार नहीं कर सकते।
    • आत्महत्या करना या खुद को नुकसान पहुंचाना:आप आत्महत्या या खुद को नुकसान पहुंचाने को बढ़ावा नहीं दे सकते और न ही उसे प्रोत्साहित कर सकते हैं।
    • अत्यधिक हिंसात्मक और वयस्क सामग्री सहित संवेदनशील मीडिया:आप ऐसे मीडिया को पोस्ट नहीं कर सकते जो लाइव वीडियो के भीतर अथवा प्रोफाइल या हेडर छवियों में अत्यधिक हिंसक या वयस्क सामग्री साझा करे। यौन हिंसा और/या हमले का चित्रण करने वाले मीडिया की भी अनुमति नहीं है।
    • गैर-सहमतिपूर्ण नग्नता:आप किसी व्यक्ति की उन अंतरंग फोटो या वीडियो को पोस्ट या शेयर नहीं कर सकते, जिन्हें उनकी सहमति के बिना लिया गया है।

    ट्विटर कब करता है मैनिपुलेटेड मीडिया लेवल का इस्तेमाल

    आमतौर पर किसी एडिटेड मीडिया अटैचमेंट वाले ट्वीट (फोटो, वीडियो) पर ट्विटर मैनिपुलेटेड लेवल लगाता है, हालांकि कोई फोटो या वीडियो एडिटेड है या नहीं, इसकी जांच ट्विटर कैसे करता है, इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं है। ट्विटर का कहना है कि आप नुकसान पहुंचाने की संभावना वाले सिंथेटिक और मैनीपुलेटेड मीडिया को शेयर नहीं कर सकते। ट्विटर मैनिपुलेटेड लेवल के साथ उस मामले से संबंधित सोर्स पर भी लेवल के साथ उपलब्ध कराता है।

    कुल मिलाकर देखा जाए तो ट्विटर की पॉलिसी भी फेसबुक, यूट्यूब और गूगल जैसी कंपनियों की तरह ही है लेकिन ट्विटर इसे सख्ती से लागू नहीं कर पाता है। फेसबुक की तरह ही इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर आप मारपीट के किसी वीडियो को वायरल होते हुए नहीं देख सकते। कुछ समय बाद ये प्लेटफॉर्म उन्हें हटा देते हैं या फिर ब्लर कर देते हैं, लेकिन ट्विटर ऐसा नहीं करता।

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