खरीदारी के मामले में युवाओं का मूड नहीं बदल सकता सोशल मीडिया

यदि आप 10 लोगों से पूछें कि क्या आपलोग सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं तो शायद आपको सभी लोग हां में ही जवाब दें। यह भी बात सच है कि सोशल मीडिया पर सबसे अधिक युवा ही एक्टिव हैं। अभी हाल ही में एक रिपोर्ट आई थी जिसमें कहा गया था कि सबसे ज्यादा खबरें सोशल मीडिया के जरिए ही पढ़ीं जा रही हैं।
सोशल मीडिया को लेकर एक और बात कही और मानी जाती है कि आज का युवा सोशल मीडिया से प्रभावित है। यह सच भी है, लेकिन यह 100 फीसदी हकीकत नहीं है। विचार और सूचनाओं के मामले में तो यह सच है कि सोशल मीडिया युवाओं को प्रभावित कर रहा है, लेकिन जब बात आती है खरीदारी (शॉपिंग) की, तो यह फॉर्मूला असफल साबित होता दिखता है। फैशन के मामले में युवा हमेशा ही कुछ अलग करने के लिए तैयार रहते हैं और इस बात की पुष्टि हाल ही में एक सर्वे से भी हुई है।
एलआईएम कॉलेज की शोध रिपोर्ट में हुआ खुलासा
दरअसल, अमेरिका के मैनहटन स्थित एलआईएम कॉलेज द्वारा किए गए एक शोध में यह निष्कर्ष प्राप्त हुआ है। शोध रिपोर्ट में बताया गया है कि अधिकांश बार उत्पादों का नयापन युवाओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। फैशनेबल परिधान और एक्सेसरीज की खरीदारी के मामले में केवल सात फीसदी युवा ही ब्लॉगर्स और व्लॉगर्स (वीडियो ब्लॉग) पर दी गई सलाह को गंभीरता से लेते हैं। बाकी 93 फीसदी का तरीका सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहे किसी उत्पाद से प्रभावित नहीं होता है।
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18 से 35 वर्ष की आयुवर्ग के लोग नएपन को ब्रांड से ज्यादा महत्व देते हैं। आज के युवाओं की सोच अपने माता-पिताओं से काफी अलग है और इसका प्रभाव उनकी खरीदारी में भी दिखाई देता है। आज के युवा की पसंद आम फैशन से अलग हटकर है। उनकी कोशिश होती है कि जो उत्पाद उनके पास है, वो किसी और के पास न हो।
बदलना होगा विज्ञापन का तरीका
शोधकर्ता इस निष्कर्ष पर भी पहुंचे हैं कि अगर प्रतिस्पर्धा के बीच विभिन्न ब्रांड से युवाओं को रिझाना हो तो उन्हें अपनी मार्केटिंग रणनीति और विज्ञापन के तरीके को बदलना होगा। इसके लिए कंपनियों को एक जैसे दिखाई देने वाले उत्पाद से भी बचना होगा। अमेरिका सहित कई विकसित देशों में सोशल मीडिया को खरीदारी के तौर-तरीके प्रभावित करने वाला माना जाता है। इतना ही नहीं यहां लोग फीडबैक के अलावा ब्लॉग्स तथा वीडियो संदेशों से भी उत्पादों के प्रति अपनी राय तय करते हैं, लेकिन फैशन उत्पादों पर इन सभी का प्रभाव न के बराबर है।