Cyber Fraud: एक सेल्फी से हो सकता है साइबर फ्रॉड! बचाव में काम आएंगे ये खास टिप्स
साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों के बीच ठगी का नया तरीका सामने आया है। साइबर अपराधी सेल्फी के जरिए लोगों के साथ धोखाधड़ी करते हैं और उनके बैंक अकाउंट खाली कर देते है। जानिए इस फ्रॉड से कैसे बचें।

विस्तार
स्मार्टफोन की उपलब्धता और इंटरनेट का तेजी से फैलना। ये सब लोगों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो रहा है, मगर साथ ही तकनीक का तेजी से विकास लोगों के लिए ही खतरा बन रहा है। कुछ लोग तकनीक का गलत फायदा उठाते हैं और उनके साथ धोखेबाजी करते हैं। सोशल मीडिया के दौर में कई तरह के साइबर अपराध सामने आ रहे हैं, मगर क्या आपने सेल्फी के जरिए ठगी करने के बारे में सुना या पढ़ा है। जी हां, साइबर अपराधियों ने लोगों को ठगने का नया तरीका निकाला है।
दरअसल, कई एप्स या फिर वेबसाइट पर अपनी पहचान साबित करने के लिए सेल्फी लेकर अपलोड करने को कहा जाता है। आजकल कई बैंक और कंपनियां इस तकनीक का इस्तेमाल कर रही हैं। इसे सेल्फी ऑथेंटिकेशन कहा जाता है। इस तकनीक के जरिए यह साबित होता है कि आप व्यक्ति हैं, जिसका दावा किया जा रहा है। मगर साइबर धोखेबाज इसी तकनीक का गलत फायदा उठा रहे हैं।
- सेल्फी ऑथेंटिकेशन से साइबर फ्रॉड हो रहा है। साइबर इसमें फिशिंग हमला करते हैं, जी हां, इसमें फर्जी ईमेल या मैसेज के जरिए एक लिंक भेजा जाता है। इसके बाद जैसे ही उस लिंक पर क्लिक करके उसे खोलकर उस पर सेल्फी डालते हैं तो फिर उसका गलत इस्तेमाल किया जा सकता है।
- साइबर अपराधी किसी तरीके से फोन में मैलवेयर इंस्टाल कर देते हैं, इसके बाद वो डिवाइस के कैमरे पर नियंत्रण कर लेते हैं और आपकी मंजूरी के बिना सेल्फी ले लेते हैं।
- कई मामलों में साइबर अपराधी लोगों के सोशल मीडिया अकाउंट से उनकी प्रोफाइल या फोटो चोरी कर लेते हैं। इसके बाद उसे डीपफेक यानी एआई की मदद से उसका कुछ भी बना सकते हैं।
- साइबर अपराधी सेल्फी के लिए बैंक में आपके नाम पर लोन ले सकते हैं। साथ ही बैंक अकाउंट में सेल्फी का इस्तेमाल करके पैसे भी निकाल सकते हैं।
- सेल्फी के जरिए साइबर अपराधी सिम कार्ड का क्लोन तैयार कर सकते हैं। इसके बाद फोन पर आने वाले सारे कॉल, मैसेज और ओटीपी आसानी से उन तक पहुंच जाएंगे।