डोनाल्ड ट्रंप की फैक्ट चेकिंग करने पर मार्क जुकरबर्ग ने की ट्विटर की आलोचना

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Thu, 28 May 2020 09:30 PM IST
सार
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Mark Zuckerberg criticizes Twitter for fact-checking President Trump
mark zuckerberg trump and jack dorsey - फोटो : amar ujala

    विस्तार

    माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ट्वीट को फैक्ट चेक करके गलत बता दिया है। ट्विटर के इस कदम के बाद से बवाल मचा हुआ है। ट्विटर द्वारा ट्रंप की फैक्ट चेकिंग पर फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने ट्विटर की आलोचना की है।

    मार्क जुकरबर्ग ने कहा, 'मेरा मानना है कि फेसबुक को लोगों द्वारा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कही जाने वाली हर बात के लिए न्यायकर्ता नहीं बनना चाहिए। हमारी यूजर पॉलिसी ट्विटर से काफी अलग है। निजी कंपनियों को खासतौर पर ऐसा नहीं करना चाहिए।' जुकरबर्ग ने ये बातें फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में कही है।

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    वहीं इस विवादित फैक्ट चेकिंग पर ट्विटर के सीईओ जैक डोर्सी ने कहा है कि उनका प्लेटफॉर्म यूजर्स द्वारा चुनावों के बारे में साझा किए गए गलत या विवादित जानकारी को लेकर फैक्ट चेकिंग जारी रखेगा। डोर्सी ने ट्वीट करके कहा, 'यह हमें "सत्य का मध्यस्थ" नहीं बनाता है। हमारा इरादा विरोधी बयानों की सच्चाई बताने का है ताकि लोग यह तय कर सकें कि क्या गलत है और क्या सही। हमारे के लिए पारदर्शिता अधिक महत्वपूर्ण है।'

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    जुकरबर्ग और डोर्सी का यह बयान तब आया है जब फैक्ट चेकिंग के बाद ट्रंप ने कहा कि वे 'सोशल मीडिया' पर केंद्रित कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करेंगे। बुधवार को ट्रंप ने चेतावनी के लहजे में कहा कि वे ऐसी वेबसाइट्स को विनियमित (रेगुलेट) करना शुरू करेगा। बता दें कि पहली बार ट्रंप के किसी ट्वीट को ट्विटर ने फैक्ट चेक किया है।

    डोनाल्ड ट्रंप के किस ट्वीट पर लगी फैक्ट चेकिंग?

    ट्रंप ने मंगलवार को ट्वीट करके दावा किया कि मेल-इन वोटिंग से चुनावों में फर्जीवाड़ा होता है। इस ट्वीट को तुरंत तथ्यात्मक गलत बताते हुए ट्विटर ने फैक्ट चेकिंग लगा दी और सही जानकारी का लिंक शेयर कर दिया। लिंक में लिखा था 'मेल-इन बैलट के बारे में तथ्य पता करें।'

    ट्रंप ने अपने ट्वीट में किए गए दावे को लेकर कोई सबूत नहीं दिया था। यहां गौर करने वाली बात यह है कि ट्रंप ने मेन इन वोटिंग में से चुनावों में फर्जीवाड़े को लेकर फेसबुक पर भी एक पोस्ट किया था लेकिन फेसबुक ने कोई फैक्ट चेक नहीं लगाया। ट्विटर द्वारा फैक्ट चक लगाने के बाद ट्रंप ने यहां तक कह दिया कि ट्विटर खुलकर बोलने की आजादी का दम घोट रहा है।

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