Social Media: आर्थिक सर्वेक्षण में सोशल मीडिया को लेकर चेतावनी, बच्चों के लिए 'उम्र सीमा' तय करने की सिफारिश
Economic Survey 2026:
इकोनॉमिक सर्वे में बच्चों और किशोरों में बढ़ती सोशल मीडिया की लत पर चिंता जताई गई है। सर्वे में सोशल मीडिया एप्स के लिए उम्र के हिसाब से सीमाएं तय करने और प्लेटफॉर्म्स को सख्त नियम लागू करने की सिफारिश की गई है।

विस्तार
गुरुवार, 29 जनवरी को जारी इकोनॉमिक सर्वे-2026 में सोशल मीडिया के बढ़ते असर को लेकर चेतावनी दी गई है। सर्वे में कहा गया है कि कम उम्र के यूजर्स डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर ज्यादा समय बिता रहे हैं, जिससे उनमें लत लगने और नुकसानदेह कंटेंट के संपर्क में आने का खतरा बढ़ रहा है।
उम्र के हिसाब से सीमाएं तक करने की सिफारिश
सर्वे के मुताबिक, बच्चों और किशोरों के लिए सोशल मीडिया एप्स तक पहुंच को उम्र के आधार पर सीमित करने पर विचार किया जाना चाहिए। रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि कम उम्र के यूजर्स भावनात्मक और मानसिक रूप से ज्यादा संवेदनशील होते हैं, जिससे वे गलत कंटेंट और अत्यधिक इस्तेमाल की चपेट में आ सकते हैं।
प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी तय करने की मांग
इकोनॉमिक सर्वे ने यह भी सुझाव दिया है कि उम्र की सही पहचान और उम्र के मुताबिक डिफॉल्ट सेटिंग्स लागू करने की जिम्मेदारी सोशल मीडिया कंपनियों की होनी चाहिए। खासतौर पर सोशल मीडिया, जुआ खेलने वाले एप्स, ऑटो-प्ले फीचर्स और टारगेटेड विज्ञापनों पर सख्ती की बात कही गई है।
सरकार के लिए बाध्यकारी नहीं, लेकिन अहम संकेत
हालांकि, इकोनॉमिक सर्वे की ये सिफारिशें सरकार पर कानूनी रूप से लागू नहीं होतीं, लेकिन इन्हें नीति निर्माण की दिशा में एक अहम संकेत माना जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में सरकार इन सुझावों को डिजिटल पॉलिसी और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़े फैसलों में शामिल कर सकती है।
वैश्विक स्तर पर बढ़ रही है सोशल मीडिया पर सख्ती
दिसंबर 2025 में ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने ऑनलाइन सेफ्टी अमेंडमेंट एक्ट को लागू करते हुए 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। वहीं, ब्रिटेन और फ्रांस भी बच्चों के लिए सोशल मीडिया नियमों को सख्त करने की दिशा में कदम उठा रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया में यह एक्ट पिछले साल 10 दिसंबर से लागू हो चुका है। इस कानून के तहत रेडिट, एक्स, इंस्टाग्राम, ट्विच, यूट्यूब और टिकटॉक जैसे बड़े प्लेटफॉर्म शामिल हैं। नियमों के अनुसार कंपनियों को एज वेरिफिकेशन लागू करना होगा ताकि 16 साल से कम उम्र के बच्चे अकाउंट न बना सकें। सोशल मीडिया पर बैन के बाद मेटा ने इंस्टाग्राम, फेसबुक और थ्रेड्स से एक हफ्ते के भीतर 16 साल से कम उम्र के किशोरों के कुल 5.5 लाख अकाउंट्स हटाए हैं।
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