CERT-In: ग्लोबल आउटेज की वजह से फिशिंग अटैकर्स के निशाने पर आए यह यूजर्स, सरकारी एजेंसी ने किया आगाह

अमित कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीअमित कुमार
Sun, 28 Jul 2024 04:08 PM IST
सार

बीते दिनों दुनियाभर में माइक्रोसॉफ्ट विंडोज ठप हो गई थी। ऐसे में साइबर अपराधियों ने अब इसका फायदा उठाना शुरू कर दिया है। अटैकर्स रिकवरी के बहाने क्राउडस्ट्राइक यूजर्स को फिशिंग अटैक का हिस्सा बना रहे हैं।

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CERT In says global outage being leveraged to launch phishing attacks against CrowdStrike users
CERT-In - फोटो : FREEPIK

    विस्तार

    देश की साइबर सिक्योरिटी एजेंसी ने कहा है कि वैश्विक कंप्यूटर आउटेड से प्रभावित यूजर्स के खिलाफ फिशिंग अटैक का अभियान शुरू हो गया है। साइबर अटैकर्स क्राउडस्ट्राइक सपोर्ट स्टाफ के भेष में सिस्टम रिकवरी टूल की तरह लोगों को मदद ऑफर दी जा रही है। सीईआरटी-इन ने शनिवार को एडवाइजरी में कहा है कि ये अटैकर्स यूजर्स को उम्मीद से अलग एक अनजान मैलवेयर को इंस्टाल करवा सकते हैं। इस वजह से संवेदनशील डेटा लीक हो सकता है, साथ ही सिस्टम क्रैश भी हो सकता है।

    पूरी दुनिया 19 जुलाई को वैश्विक आउटेज के जरिए कंप्यूटर की बड़ी परेशानी का सामना कर रही थी। इसके पीछे क्राउडस्ट्राइक का एक गलत अपडेट माना जा रहा है। इसमें फाल्कन सेंसर सॉफ्टवेयर के नेतृत्व में माइक्रोसॉफ्ट विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम बुरी तरह से क्रैश कर गए। इस वजह से भारत समेत पूरी दुनिया में जमीनी स्तर पर काफी बड़ा प्रभाव पड़ा। इसमें फ्लाइट, बिजनेस, बैंकिंग और अस्पताल आदि शामिल थे।

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    क्राउडस्ट्राइक और माइक्रोसॉफ्ट दोनों के ही सिस्टम अब पूरी तरह से रिकवर हो गए हैं। क्राउडस्ट्राइक और माइक्रोसॉफ्ट दोनों ने आधिकारिक तौर पर अपनी तरफ से समस्या को दूर कर दिया है। हालांकि, कुछ बड़ी तकनीकी संगठनों में अभी भी रिकवरी का काम जारी है। सीईआरटी-इन ने अपनी सलाह में कहा है कि कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिशिंग अटैक अभियान के जरिए क्राउडस्ट्राइक यूजर्स को निशाना बनाया जा रहा है। इसके पीछे वैश्विक स्तर पर हुए तकनीकी आउटेड का जमकर फायदा उठाया जा रहा है, इस दौरान कई संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है।

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