Google Messages: अब स्कैमर्स की खैर नहीं, गूगल ने एक साथ पेश किए पांच नए फीचर्स
अंतरराष्ट्रीय कॉलर्स और कॉन्टैक्ट वेरिफिकेशन से संबंधित फीचर्स भी शामिल हैं। Google का कहना है कि वह इस साल के अंत तक खतरनाक लिंक के बारे में भी यूजर्स को आगाह करेगा।

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स्पैम और स्कैम को रोकने के लिए दुनिया की तमाम सरकारें और तमाम टेक्नोलॉजी कंपनियां काम कर रही हैं, लेकिन यह रुकने का नाम नहीं ले रहा है। अब गूगल ने अपने मैसेंजर एप गूगल मैसेज (Google Messages) के लिए कई नए फीचर्स जारी कर रहा है, जिनका उद्देश्य यूजर्स की प्राइवेसी को बेहतर बनाना और उन्हें संदिग्ध कॉल्स और मैसेजेस से बचाना है। इनमें से एक फीचर है पैकेज डिलीवरी और जॉब्स से संबंधित धोखाधड़ी वाले टेक्स्ट्स से सुरक्षा, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल का उपयोग करता है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय कॉलर्स और कॉन्टैक्ट वेरिफिकेशन से संबंधित फीचर्स भी शामिल हैं। Google का कहना है कि वह इस साल के अंत तक खतरनाक लिंक के बारे में भी यूजर्स को आगाह करेगा।
- बेहतर स्पैम सुरक्षा:Messages एप के बीटा यूजर्स, जिन्होंने स्पैम सिक्योरिटी को ऑन कर रखा है, उन्हें अब एक नया फीचर मिलेगा जो पैकेज डिलीवरी या जॉब्स से संबंधित संभावित धोखाधड़ी वाले टेक्स्ट मैसेज की पहचान कर उन्हें स्पैम फोल्डर में ऑटोमैटिक डाल देगा। यह फीचर ऑन-डिवाइस मशीन लर्निंग (ML) का उपयोग करता है। Google का दावा है कि टेक्स्ट मैसेज तब तक प्राइवेट रहते हैं जब तक उन्हें विशेष रूप से स्पैम के रूप में रिपोर्ट नहीं किया जाता।
- संभावित खतरनाक लिंक: वर्तमान में Google भारत, थाईलैंड, मलेशिया और सिंगापुर में एक पायलट चला रहा है, जो अज्ञात सेंडर्स से प्राप्त संभावित खतरनाक लिंक के बारे में यूजर्स को सचेत करता है और उन्हें ब्लॉक करता है। यह फीचर इस साल के अंत में वैश्विक स्तर पर रिलीज किया जाएगा।
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