मुद्दे की बात: स्मार्टफोन को मिले सात सालों तक अपडेट, इस देश की सरकार ने की मांग

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Mon, 06 Sep 2021 12:20 PM IST
सार

जर्मनी की सरकार मोबाइल कंपनियों के इस अपडेट की अवधि से खुश नहीं है और गैजेट के लिए कम-से-कम 7 सालों के लिए अपडेट चाहती है। सरकार ने यूरोपियन कमीशन से कहा है कि किसी भी गैजेट को 7 सालों तक अपडेट मिलना चाहिए।

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German government wants seven years updates for smartphone and gadgets
Mobile software update - फोटो : amarujala

    विस्तार

    स्मार्ट गैजेट के लिए समय-समय पर सिक्योरिटी अपडेट का मिलना जरूरी होता है। गैजेट की सिक्योरिटी और परफॉर्मेंस के लिए यह बहुत ही आवश्यक होता है। स्मार्टफोन, स्मार्टवॉच, स्मार्टबैंड और कई ईयरबड्स को भी प्रत्येक कुछ दिन या महीने पर अपडेट मिलता है। स्मार्टफोन को फिलहाल मोबाइल कंपनियां अपनी सुविधानुसार 2 साल या 3 साल तक सिक्योरिटी और सॉफ्टवेयर अपडेट दे रही हैं। अपने गैजेट को सबसे लंबे समय तक अपडेट देने के लिए एपल जाना जाता है। एपल की डिवाइस में कम-से-कम 5 सालों तक अपडेट मिलता है, लेकिन अब 7 साल तक के लिए इस तरह के अपडेट की मांग उठने लगी है।

    एंड्रॉयड डिवाइस को आमतौर पर दो साल के लिए अपडेट मिलता है। सैमसंग और वनप्लस अपनी डिवाइस को अपडेट देने के मामले में अन्य कंपनियों से काफी आगे हैं। अब जर्मनी की सरकार मोबाइल कंपनियों के इस अपडेट की अवधि से खुश नहीं है और गैजेट के लिए कम-से-कम 7 सालों के लिए अपडेट चाहती है। सरकार ने यूरोपियन कमीशन से कहा है कि किसी भी गैजेट को 7 सालों तक अपडेट मिलना चाहिए। सरकार की यह भी मांग है कि सिक्योरिटी अपडेट के अलावा पार्ट्स रिप्लेसमेंट की भी सुविधा वास्तविक कीमत पर 7 सालों तक मिले।

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    सरकार का मानना है कि इससे प्रोडक्ट की लाइफ लंबी होगी और ग्राहकों पर प्रत्येक कुछ दिनों में नई डिवाइस खरीदने का बोझ नहीं होगा। इसके अलावा गैजेट का प्रोडक्शन भी कम होगा जो कि वातावरण के लिए अच्छा होगा। एक रिपोर्ट के मुताबिक दुनियाभर के करीब 40 फीसदी एंड्रॉयड फोन में अभी भी एंड्रॉयड पाई 9.0 है। बता दें कि इस वर्जन को 2018 में रिलीज किया गया था और अब एंड्रॉयड 12 भी लॉन्च हो गया है। ऐसे में इन 40 फीसदी डिवाइस पर 24 घंटे हैकिंग का खतरा है।

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    जर्मनी की सरकार की इस मांग से यूरोपियन कमीशन सहमत है और संभव है कि 2023 तक इसके लिए कानून भी बनकर लागू हो जाए, हालांकि यह बात जाहिर है कि इससे मोबाइल कंपनियां खुश नहीं होंगी, क्योंकि इससे यूजर्स को फायदा है, कंपनियों का नहीं। आपको जानकर हैरानी होगी कि सिक्योरिटी और अपडेट को लेकर ही कई यूजर्स एंड्रॉयड से आईओएस में शिफ्ट करते हैं।

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