स्वदेशी एआई 'भारतजेन' तैयार: 22 भाषाओं में करेगा काम, ChatGPT और Gemini को मिलेगी टक्कर, इसी महीने होगा लॉन्च
BharatGen: भारत सरकार की महत्वाकांक्षी स्वदेशी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस परियोजना भारतजेन अब अपने अंतिम चरण में है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में जानकारी दी कि फरवरी के अंत तक यह एआई सिस्टम भारत की सभी 22 आधिकारिक भाषाओं में लिखने (टेक्स्ट) की सुविधा देने लगेगा।

विस्तार
भारत सरकार की खास योजना भारतजेन (BharatGen) अब अपने अंतिम चरण में है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में बताया कि इस महीने के अंत तक यह एआई सिस्टम भारत की सभी 22 आधिकारिक भाषाओं में लिखने में सक्षम हो जाएगा। खास बात यह है कि इनमें से 15 भाषाओं में लिखने के साथ-साथ बोलने और तस्वीरों को पहचानने की सुविधा विकसित कर ली गई है। गौरतलब है कि भारतजेन को अक्टूबर 2024 में लॉन्च किया गया था। यह सरकार की एक प्रमुख परियोजना है, जिसके तहत भारत के लिए एक संप्रभु AI मॉडल विकसित किया जा रहा है।
भारतजेन इस महीने के अंत तक भारत की सभी 22 आधिकारिक भाषाओं में लिखने के लिए तैयार हो जाएगा। अभी तक 15 भाषाओं पर काम पूरा हो चुका है, जिनमें लिखने के साथ-साथ बोलने और फोटो-वीडियो पहचानने की खूबी भी शामिल है। आगे चलकर इसमें स्थानीय बोलियों को भी शामिल किया जाएगा ताकि यह समय के साथ और बेहतर होता रहे।
क्या है भारतजेन एआई?
भारतजेनपूरी तरह से देश में विकसित मल्टीमॉडल जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सिस्टम है। इसका असली मकसद इंटरनेट की दुनिया में भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देना है। यह सिस्टम मुख्य रूप से तीन काम करेगा। इसमें स्पीच-टू-टेक्स्ट, टेक्स्ट-टू-स्पीच और पत्रम नाम का भारत का पहला डॉक्यूमेंट-विजन मॉडल भी तैयार किया गया है।ये सभी मॉडल मिलकर टेक्स्ट, आवाज और दस्तावेजो पर काम करने वाला एक पूरा AI सिस्टम बनाते हैं।भारतजेन को आईआईटी बॉम्बे के नेतृत्व में आईआईटी मद्रास, कानपुर, हैदराबाद और इंदौर जैसे कई दिग्गज संस्थानों द्वारा मिलकर तैयार किया गया है। इस एआई मॉडल को लगभग 300 करोड़ पैरामीटर वाले टेक्स्ट मॉडल से ट्रेल किया गया है।भारतजेन को IBM, Zoho, NASSCOM, जल एवं स्वच्छता मंत्रालय और कई राज्य सरकारों का भी सहयोग मिल रहा है। हाल ही में भारत AI मिशन के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इस परियोजना को ₹1,058 करोड़ की अतिरिक्त सहायता दी है।
आम आदमी के लिए क्यो खास है भारतजेन?
भारतजेन कई तरह से नागरिकों की मदद कर सकता है, जिसके लिए इसमें उपयोग आधारित अगल-अलग फीचर पेश किए गए हैं। उदाहरण के लिए, 'कृषि साथी' के जरिए किसान अपनी स्थानीय भाषा में बोलकर खेती की सलाह ले सकते हैं, वहीं 'ई-विक्रएआई' छोटे दुकानदारों को अपने उत्पादों का शानदार विवरण तैयार करने में मदद करता है। इसके साथ ही 'डॉकबोध' जैसा प्लेटफॉर्म मुश्किल कानूनी या सरकारी कागजों को आम आदमी की समझ के लायक सरल बना देता है। ये सभी प्रयोग दिखाते हैं कि एआई का इस्तेमाल सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह गांव-गांव तक सार्वजनिक सेवाओं को सुलभ बनाएगा।
सदन में दी गई जानकारी
बीजेपी नेता भुवनेश्वर कलिता के एक सवाल का जवाब देते हुए मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि भारत सरकार एक ऐसा एआई सिस्टम बना रही है जो पूरी तरह स्वदेशी यानी 'मेड इन इंडिया' होगा। यह न सिर्फ आपकी जानकारी (डाटा) को सुरक्षित रखेगा, बल्कि इसमें भारतीय संस्कृति और तौर-तरीकों की झलक भी होगी।
15 भाषाओं में पूरी हुई तैयारी
जितेंद्र सिंह ने कहा, "हमने 15 भाषाओं का काम तो पूरा कर लिया है। इस महीने के अंत तक सभी 22 आधिकारिक भाषाओं में लिखने की सुविधा शुरू हो जाएगी। साथ ही, 15 भाषाओं में यह स्पीच और विजन मॉड्यूल भी उपलब्ध होंगे।" बता दें कि भारतजेन एआई की सीधी टक्कर ChatGPT और Google Gemini जैसे एआई प्लेटफॉर्म्स से होगी।
सरकार का मानना है कि भारतजेन से शिक्षा, शासन, डिजिटल सेवाओं और आम नागरिकों को उनकी अपनी भाषा में तकनीक से जोड़ने में बड़ी मदद मिलेगी। यह परियोजना भारत को वैश्विक AI क्षेत्र में एक मजबूत और आत्मनिर्भर खिलाड़ी बनाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
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