गंजारी स्टेडियम: आकार लेने लगा PM Modi का ड्रीम प्रोजेक्ट, 70 फीसदी काम पूरा हुआ; 450 करोड़ रुपये है लागत
Varanasi News: राजातालाब तहसील के गंजारी गांव में बन रहे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को लेकर काफी उत्साह बना हुआ है। यहां 70 फीसदी काम पूरा हो चुका है। पीएम मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप माॅडल के तहत बन रहा है।
विस्तार
Ganjari Stadium Varanasi: वाराणसी। बीते 23 सितंबर 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र में जिस अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की आधारशिला रखी थी, वह अब अपने स्वरूप में आने लगा है। राजातालाब तहसील के गंजारी गांव में 30.33 एकड़ में बन रहे इस आधुनिक सुविधाओं से युक्त स्टेडियम का लगभग 70 फीसदी काम पूरा हो चुका है। इस साल के अंत तक पहले चरण का काम पूरा होने की उम्मीद है।
दो साल पहले अप्रैल 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट स्टेडियम बनाने की घोषणा की थी। घोषणा के पांच माह बाद ही उन्होंने राजातालाब के गंजारी गांव में स्टेडियम की आधारशिला रखी। 30 हजार की दर्शक क्षमता वाले इस स्टेडियम को बनाने का जिम्मा लार्सन एंड टुब्रो कंपनी (एलएंडटी) को मिला है। इसे पीएम मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट बताया गया है।
स्टेडियम का रखरखाव 30 साल तक एलएंडटी के जिम्मे
पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत बन रहे इस स्टेडियम की डिजाइन, ड्राइंग, लेवलिंग और निर्माण का जिम्मा एलएंडटी के पास है। स्टेडियम बन जाने के बाद अगले 30 साल तक रखरखाव और संचालन की जिम्मेदारी भी इसी कंपनी के पास रहेगी। कार्यदायी एजेंसी को इस स्टेडियम की डिजाइन और मास्टर प्लान तैयार करने में लगभग एक साल का वक्त लगा है।
ये सुविधाएं होंगी
लगभग 450 करोड़ रुपये से 30.66 एकड़ क्षेत्रफल में बन रहा यह स्टेडियम कई सुविधाओं से युक्त होगा। अंतरराष्ट्रीय आकार का घासयुक्त मैदान होने के साथ ही यहां क्रिकेटरों को अभ्यास के लिए 18 से अधिक क्रिकेट विकेट मिलेंगे। यहां आउटडोर मैदान के साथ ही ड्रेसिंग रूम, मेडिकल रूम, फीजियोथेरेपी रूम, मीडिया सेंटर, कमेंटेटर बाॅक्स, वीआईपी बाॅक्स, वीवीआईपी बाॅक्स, कारपोरेट बाॅक्स, वीवीआईपी जोन, ब्रॉडकाॅस्ट प्लेटफार्म, फूड कियोस्क, रिकॉर्डिंग बूथ बनाया गया है। यहां दिव्यांगजनों के लिए अलग से रैंप और बैठने की व्यवस्था की गई है।
2026 के टी-20 विश्वकप की मेजबानी मिलने की उम्मीद
अगले साल टी-20 विश्व कप क्रिकेट का आयोजन भारत में होना है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि वाराणसी में आधुनिक सुविधाओं से युक्त गंजारी स्टेडियम को एक या दो मैच की मेजबानी मिल सकती है। पिछले दिनों यूपीसीए की टीम ने निर्माणाधीन स्टेडियम का दौरा किया था। तब यूपीसीए के अधिकारियों ने मीडिया से बातचीत में बताया था कि तय समय पर स्टेडियम का निर्माण कार्य पूरा हो जाने की स्थिति में यहां 2026 के टी-20 विश्वकप टूर्नामेंट के एक या दो मैच की मेजबानी के बारे में विचार किया जा सकता है।
आधुनिक स्टेडियम की सनातनी तस्वीर
उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन की देखरेख में बन रहे इस आधुनिक क्रिकेट स्टेडियम की डिजाइन को आध्यात्मिक और सनातनी आकार दिया गया है। स्टेडियम की छतें चंद्राकार हैं जबकि दर्शक दीर्घा को गंगा घाट की सीढि़यों की तरह तैयार किया गया है। स्टेडियम में लगने वाली फ्लड लाइट के पोल त्रिशूल के आकार के हैं। यही नहीं पैवेलियन, मीडिया और कमेंटेटर बाक्स को डमरू का आकार दिया गया है। स्टेडियम के प्रवेश द्वार को बेल पत्र के आकार में विकसित किया गया है। जो भगवान शिव के प्रतीक के रूप में इस स्टेडियम में श्रद्धा का भाव व्यक्त करते हैं।
1500 चार पहिया वाहनों के लिए पार्किंग
मैच के दौरान उमड़ने वाली संभावित भीड़ को ध्यान में रखकर यहां वाहनों की पार्किंग की सुविधाओं को विस्तार किया गया है। वीआईपी गाड़ियों के लिए अलग पार्किंग की व्यवस्था होगी। साथ ही मल्टीलेवल पार्किंग में 1500 से अधिक चार पहिया वाहनों को खड़ा किया जा सकेगा।
यूपी के साथ ही आसपास के राज्यों के खिलाड़ियों को होगा फायदा
गंजारी क्रिकेट स्टेडियम के बन जाने से न केवल पूर्वांचल बल्कि उत्तर प्रदेश के साथ ही उससे सटे राज्यों मध्य प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़ और झारखंड के क्रिकेटरों को इसका भरपूर फायदा मिलेगा। अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के साथ ही यहां घरेलू और बोर्ड ट्राफी के मैच भी आयोजित हो सकेंगे।
150 एकड़ में टाउनशिप विकसित करेगा वीडीए
पिछले महीने वाराणसी विकास प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में गंजारी स्टेडियम के आसपास 150 एकड़ क्षेत्रफल में टाउनशिप विकसित करने पर सहमति बनी। इस टाउनशिप में बजट होटल के साथ ही तारांकित होटल, सुपर मार्केट, शॉपिंग मॉल आदि विकसित किए जाएंगे।
गंजारी में क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण कार्य निर्बाध गति से चल रहा है। पहले चरण का लगभग 70 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। शेष बचे कार्य को इस साल के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है। सेकेंड फेज में यहां मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण किया जाएगा। - एस. राजलिंगम, मंडलायुक्त, वाराणसी