क्या 11 सितंबर को चिंपैंजी से भिड़ेंगे एमएमए फाइटर कोल जॉनसन?: 5 लाख डॉलर के ऑफर का दावा, विशेषज्ञों ने चेताया
अमेरिकी एमएमए फाइटर कोल ‘जॉनसन के चिंपैंजी से वन-ऑन-वन मुकाबले के दावे ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। जॉनसन के मुताबिक मजाक में किए पोस्ट के बाद उन्हें कथित तौर पर 5 लाख डॉलर का ऑफर मिला। 11 सितंबर की तारीख को लेकर भी प्रचार हुआ है, लेकिन मुकाबले की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
विस्तार
ब्लडीएल्बो की रिपोर्ट के मुताबिक, इस कथित मुकाबले की तारीख 11 सितंबर बताई जा रही है। यहां तक कि एक प्रमोशनल वेबसाइट और काउंटडाउन के जरिए भी इसकी चर्चा को हवा मिली है। हालांकि, सबसे अहम बात यह है कि इस फाइट के वास्तव में होने की पुख्ता पुष्टि अभी नहीं हुई है।
कोल जॉनसन ने बाद में एक इंटरव्यू में साफ किया कि उनकी शुरुआती पोस्ट को गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए था। उन्होंने बताया कि उन्होंने मूल वीडियो मजाक में बनाया था। उनका कहना था कि उन्हें लगा था कि वह चिंपैंजी को हरा सकते हैं, लेकिन उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि यह बात वास्तविक मुकाबले की चर्चा तक पहुंच जाएगी। उद्यमी ब्रेंडन रूह के साथ बातचीत के दौरान जब उनसे सीधे पूछा गया कि क्या वह चिंपैंजी से लड़ने वाले हैं, तो जॉनसन ने जवाब दिया, 'हां, सर।'
इसके बाद रूह ने उनसे पूछा कि आखिर इस फाइट का क्या हो रहा है और क्या वह वास्तव में उस जानवर से मुकाबला करने जा रहे हैं। जॉनसन ने तब अपने शुरुआती दावे की कहानी बताते हुए कहा कि वीडियो मजाक के तौर पर बनाया गया था, लेकिन सोशल मीडिया पर वीडियो के वायरल होने के बाद कथित तौर पर मामला उनके नियंत्रण से काफी आगे निकल गया।
A PPV has been set up for an MMA fighter challenging a chimpanzee to a fight.
— Complex (@Complex) September 5, 2026
The matchup is sparking a debate online over whether he could actually win against a fully grown chimp.
[📸: via/ IG https://t.co/eoxvrx8S6d] pic.twitter.com/5cA3uLh5Iy
जॉनसन, जिन्होंने अब तक सिर्फ एक अमेचर एमएमए मुकाबला लड़ा है, ने दावा किया कि उन्हें इस अजीब मुकाबले के लिए पांच लाख डॉलर यानी करीब पांच करोड़ (4.7 करोड़) रुपये की पेशकश की गई थी। कथित तौर पर उन्हें किसी अज्ञात देश में जाकर मुकाबला करने का प्रस्ताव मिला था। हालांकि, जॉनसन के मुताबिक उन्होंने उस ऑफर को इसलिए ठुकरा दिया क्योंकि उन्हें प्रस्ताव देने वाले व्यक्ति पर भरोसा नहीं था। इसके बाद उन्होंने दावा किया कि एक दूसरे समूह ने उन्हें इससे भी ज्यादा रकम देने की पेशकश की है। इस कथित नए ऑफर की रकम हालांकि सार्वजनिक नहीं की गई है।
सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं में यह भी दावा किया गया है कि मुकाबले में एक वयस्क नर चिंपैंजी को शामिल किया जा सकता है। कथित तौर पर उसे किसी तरह की बेहोशी की दवा नहीं दी जाएगी और उसके दांत तथा पंजे भी बरकरार रहेंगे। यहां तक कहा गया कि हालात बेकाबू होने पर आसपास मौजूद लोग ट्रैंक्विलाइजर का इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि, इन दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
इस पूरे मामले का सबसे गंभीर पहलू मुकाबले की मनोरंजन वाली चर्चा नहीं, बल्कि सुरक्षा है। विशेषज्ञों का कहना है कि चिंपैंजी को एक सामान्य इंसानी प्रतिद्वंद्वी की तरह देखना बेहद खतरनाक हो सकता है। पीएनएएस में प्रकाशित एक रिसर्च के मुताबिक, समान आकार के इंसान की तुलना में चिंपैंजी की मांसपेशियां करीब 1.35 गुना ज्यादा ताकत और शक्ति पैदा कर सकती हैं। रिसर्च में उनके शरीर में तेज गति से काम करने वाले मांसपेशी फाइबर का अनुपात भी इंसानों की तुलना में अधिक पाया गया।
हालांकि, विशेषज्ञ सिर्फ यह कहने को भी सही नहीं मानते कि चिंपैंजी इंसान से इतने गुना ज्यादा ताकतवर होते हैं। प्राइमेटोलॉजिस्ट किम्बर्ली हॉकिंग्स के शोध के मुताबिक, खतरा केवल ताकत से तय नहीं होता। चिंपैंजी के मजबूत जबड़े, बड़े कैनाइन दांत, बेहद शक्तिशाली हाथ और आक्रामक व्यवहार किसी भी इंसान के लिए गंभीर चोट का कारण बन सकते हैं।
यही इस पूरी कहानी का सबसे बड़ा सवाल है। 11 सितंबर की तारीख, कथित प्रमोशनल वेबसाइट और पैसों के ऑफर की चर्चाओं के बावजूद अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि कोई आधिकारिक, स्वीकृत मुकाबला वास्तव में आयोजित होने जा रहा है। चिंपैंजी किसी प्रशिक्षित एमएमए फाइटर की तरह नियमों का पालन नहीं करेगा। वह न तो टैप आउट को समझेगा और न ही खेल के प्रतिबंधित तकनीकों वाले नियमों का। ऐसे में यह सामान्य मुकाबला नहीं, बल्कि इंसान और जंगली जानवर के बीच बेहद अप्रत्याशित टकराव होगा।
इसके अलावा, जानवर को मनोरंजन के लिए जानबूझकर ऐसी स्थिति में डालना पशु कल्याण और कानूनी सवाल भी खड़े करता है। इसलिए फिलहाल कोल जॉनसन और चिंपैंजी की कथित फाइट को पक्की खबर के बजाय एक वायरल और अपुष्ट प्रस्ताव के तौर पर देखना ज्यादा सही होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि पांच लाख डॉलर या उससे ज्यादा की रकम का दावा भले ही सुर्खियां बटोर रहा हो, लेकिन इस कहानी में सबसे बड़ा दांव पैसा नहीं, बल्कि इंसान और जानवर, दोनों की सुरक्षा है।