फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Lord Ganesha Worship: बुधवार के दिन भगवान गणेश को क्यों चढ़ाई जाती है दूर्वा? जानिए क्या है पौराणिक मान्यता

Wed, 04 May 2022 11:07 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजला, नई दिल्ली Published by: आशिकी पटेल Updated Wed, 04 May 2022 11:07 AM IST
विज्ञापन
Why Durva Is Offered To Lord Ganesha During Worship In Wednesday Only Katha Behind It In Hindi
बुधवार के दिन भगवान गणेश को क्यों चढ़ाई जाती है दूर्वा - फोटो : istock

Lord Ganesha Worship: बुधवार का दिन भगवान श्रीगणेश को समर्पित है। हिंदू धर्म में विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश को सभी देवी-देवताओं में प्रथम पूजनीय माना जाता है। किसी भी शुभ और मांगलिक कार्य से पहले गणेश जी की ही पूजा की जाती है। इसके अलावा बुधवार का दिन भगवान गणेश को समर्पित है। मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक इस दिन गणेशजी के निमित्त व्रत और पूजा करने से भक्तों के सारे संकट दूर हो जाते हैं एवं गणेशजी अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश को दूर्वा अत्यंत प्रिय है। कहा जाता है कि बिना दूर्वा के भगवान गणेश की पूजा अधूरी मानी जाती है। बुधवार के दिन भगवान गणेशजी की पूजा के दौरान उनको दूर्वा अर्पित करने से वे बहुत ही शीघ्र प्रसन्न होते हैं। ऐसे में चलिए आज जानते हैं कि गणेशजी को दूर्वा क्यों पसंद है और क्या है इसके पीछे की पौराणिक कथा.... 

Why Durva Is Offered To Lord Ganesha During Worship In Wednesday Only Katha Behind It In Hindi
बुधवार के दिन भगवान गणेश को क्यों चढ़ाई जाती है दूर्वा - फोटो : iStock

कथा
एक पौराणिक कथा के अनुसार, प्राचीन काल में अनलासुर नाम का एक दैत्य था। उसके आंतक से धरती और स्वर्ग पर त्राहि-त्राहि मची हुई थी। अनलासुर एक ऐसा दैत्य था, जो मुनि-ऋषियों और साधारण मनुष्यों को जीवित ही निगल जाता था। अनलासुर के आतंक से सभी देवी-देवता परेशान हो चुके थे। इसके बाद सभी देवी-देवता और ऋषि-मुनि भगवान शिव से विनती करने पहुंचे। भगवान भोलेनाथ ने समस्त देवी-देवताओं और मुनि-ऋषियों की प्रार्थना को सुनकर कहा कि दैत्य अनलासुर का नाश केवल श्री गणेश ही कर सकते हैं।

Why Durva Is Offered To Lord Ganesha During Worship In Wednesday Only Katha Behind It In Hindi
बुधवार के दिन भगवान गणेश को क्यों चढ़ाई जाती है दूर्वा - फोटो : iStock

इसके बाद सभी देवों की प्रार्थना पर गणेश जी ने अनलासुर को निगल लिया, तब उनके पेट में बहुत जलन होने लगी। इस परेशानी से निपटने के लिए कई प्रकार के उपाय किए गए, लेकिन उपाय कारगर नहीं हुआ। उसी समय कश्यप ऋषि ने दूर्वा की 21 गांठें बनाकर श्रीगणेशजी को खाने को दीं। जैसे ही गणेशजी ने दूर्वा को ग्रहण किया, तुरंत उनके पेट की जलन शांत हो गई और उसी समय से गणेश जी पर दूर्वा चढ़ाने की परंपरा की शुरुआत हुई।

विज्ञापन
विज्ञापन
Why Durva Is Offered To Lord Ganesha During Worship In Wednesday Only Katha Behind It In Hindi
बुधवार के दिन भगवान गणेश को क्यों चढ़ाई जाती है दूर्वा - फोटो : istock

मान्यता है कि यदि कोई व्यक्ति किसी बीमारी, दरिद्रता या किसी और संकट से जूझ रहा है, तो सच्चे मन से गणेश जी की पूजा करके दूर्वा अर्पित करने से उसे इन सभी समस्याओं से जल्दी ही छुटकारा मिल जाता है। 

विज्ञापन
Why Durva Is Offered To Lord Ganesha During Worship In Wednesday Only Katha Behind It In Hindi
बुधवार के दिन भगवान गणेश को क्यों चढ़ाई जाती है दूर्वा - फोटो : istock
दूर्वा चढ़ाने के नियम

बुधवार के दिन गणेश मंदिर में दूर्वा की ग्यारह गांठें चढ़ाने से गणेश जी प्रसन्न होते हैं और बुध दोष समाप्त हो जाते हैं। दूर्वा को चढ़ाने के लिए किसी साफ जगह से ही दूर्वा घास को तोड़ना चाहिए। साथ ही दूर्वा चढ़ाते समय गणेशजी के 11 मंत्रों का जाप जरूर करें... 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed