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Vat Savitri Vrat 2022: वट सावित्री व्रत के दिन क्यों होती है बरगद की पूजा? जानें धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व

Fri, 13 May 2022 02:54 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजला, नई दिल्ली Published by: आशिकी पटेल Updated Fri, 13 May 2022 02:54 AM IST
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Vat Savitri Vrat 2022 Why People Worship Banyan Tree Know About Importance in Hindi
वट सावित्री व्रत के दिन क्यों होती है बरगद की पूजा? - फोटो : amar ujala

Vat Savitri Vrat 2022: पति की लंबी आयु और उनके सुखमय जीवन के लिए सुहागिन महिलाएं कई तरह के व्रत रखती हैं। उन्हीं व्रतों में से एक वट सावित्री का व्रत है। हिंदू पंचांग के अनुसार, ये व्रत हर साल ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि के दिन रखा जाता है। इस साल वट सावित्री व्रत 30 मई, 2022 दिन सोमवार को रखा जाएगा। वट सावित्री व्रत के दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए भगवान विष्णु के साथ मां लक्ष्मी और वट वृक्ष यानी बरगद के पेड़ की विधि-विधान से पूजा करती हैं। मान्यता है कि वट वृक्ष की पूजा लंबी आयु, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य देने के साथ ही हर तरह के कलह और संतापों का नाश करने वाली होती है। हिंदू धर्म में वट वृक्ष या बरगद के पेड़ को विशिष्ट माना गया है। कई व्रत और त्योहार में बरगद के पेड़ की पूजा की जाती है, इसमें से वट सावित्री की पूजा प्रमुख है। तो चलिए आज जानते हैं कि आखिर वट वृक्ष की पूजा क्यों की जाती है और क्या है इसका धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व.... 

Vat Savitri Vrat 2022 Why People Worship Banyan Tree Know About Importance in Hindi
वट सावित्री व्रत के दिन क्यों होती है बरगद की पूजा? - फोटो : iStock

बरगद के वृक्ष का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में वट वृक्ष की पूजा और परिक्रमा का विधान है। इसकी पूजा के भी कई कारण है, आध्यात्मिक दृष्टि से देखें तो वट वृक्ष दीर्घायु व अमरत्व के बोध के नाते भी स्वीकार किया जाता है। मान्यता है कि वट वृक्ष की जड़ों में ब्रह्मा, तने में भगवान विष्णु एवं डालियों में शिव शंकर का निवास होता है। इसके अलावा इस पेड़ में बहुत सारी शाखाएं नीचे की तरफ लटकी हुई होती हैं, जिन्हें देवी सावित्री का रूप माना जाता है। 

Vat Savitri Vrat 2022 Why People Worship Banyan Tree Know About Importance in Hindi
वट सावित्री व्रत के दिन क्यों होती है बरगद की पूजा? - फोटो : iStock

यही वजह है कि इस वृक्ष की पूजा से सभी मनोकामनाएं शीघ्र पूर्ण होती हैं।अग्नि पुराण के अनुसार, बरगद उत्सर्जन को दर्शाता है, इसलिए संतान प्राप्ति के लिए भी महिलाएं इस वृक्ष की पूजा करती हैं। 

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Vat Savitri Vrat 2022 Why People Worship Banyan Tree Know About Importance in Hindi
वट सावित्री व्रत के दिन क्यों होती है बरगद की पूजा? - फोटो : iStock

अपनी विशेषताओं और लंबे जीवन के कारण इस वृक्ष को अनश्वर माना गया है। मान्यता है कि वट वृक्ष की छांव में ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि के दिन देवी सावित्री ने अपने पति को पुनः जीवित किया था। तभी से इस दिन वट वृक्ष की पूजा की जाती है। 

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Vat Savitri Vrat 2022 Why People Worship Banyan Tree Know About Importance in Hindi
वट सावित्री व्रत के दिन क्यों होती है बरगद की पूजा? - फोटो : amar ujala

इसी मान्यता के आधार पर हिंदू धर्म में महिलाएं अपने सुहाग की लंबी आयु के लिए इस दिन बरगद के वृक्षों की पूजा करती हैं। इसके अलावा भगवान श्री कृष्ण ने इसी वृक्ष के पत्ते पर मार्कण्डेय ऋषि को दर्शन दिए थे। साथ ही बरगद को साक्षात शिव भी कहा गया है। कहा जाता है कि बरगद को देखना शिव के दर्शन करने के बराबर है। 

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