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Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   Kartik Purnima 2022 Date Importance and Upay to Please Lord Vishnu News in Hindi

Kartik Purnima 2022: 8 नवंबर को है कार्तिक पूर्णिमा, सुख-सौभाग्य की प्राप्ति के लिए करें यह उपाय

Sun, 06 Nov 2022 09:45 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विनोद शुक्ला Updated Sun, 06 Nov 2022 09:45 AM IST
सार

कार्तिक पूर्णिमा को देव दीपावली भी कहा जाता है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु ने मत्स्य अवतार लिया था। यह भी मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर राक्षस का वध किया था। इसी खुशी में देवताओं ने दिवाली मनाई थी।

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Kartik Purnima 2022 Date Importance and Upay to Please Lord Vishnu News in Hindi
Kartik Purnima 2022:  कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा या यमुना नदी में कुशा स्नान का बहुत महत्व है। इस दिन हाथ में कुशा लेकर नदी में स्नान करके दान भी करना चाहिए। - फोटो : istock

विस्तार

Kartik Purnima 2022 Date Importance : कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को कार्तिक पूर्णिमा कहते हैं, जो इस साल 8 नवंबर,मंगलवार को है। कार्तिक पूर्णिमा को देव दीपावली भी कहा जाता है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु ने मत्स्य अवतार लिया था। यह भी मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर राक्षस का वध किया था। इसी खुशी में देवताओं ने दिवाली मनाई थी। इस दिन श्रद्धा पूर्वक पूजा करने से भगवान श्री हरि के साथ मां लक्ष्मी का भी आशीर्वाद प्राप्त होता हैं। कार्तिक पूर्णिमा के दिन कुछ उपायों को करने से आपकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
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तीर्थों के जल में स्न्नान
कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा या यमुना नदी में कुशा स्नान का बहुत महत्व है। इस दिन हाथ में कुशा लेकर नदी में स्नान करके दान भी करना चाहिए।  ऐसा करने से रोगों से मुक्ति मिलती है और घर में सौभाग्य का आगमन होता हैं। स्नान का उत्तम समय सूर्योदय से पूर्व तारों की छांव में माना गया है। यदि आप गंगा स्नान करने नहीं जा सकते तो आप घर में ही थोड़ा सा गंगाजल नहाने के पानी में मिलाकर स्नान करें।
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शुभ प्रतीक लगाएं
 कार्तिक पूर्णिमा के दिन मां लक्ष्मी के आगमन के लिए घर के मुख्य द्वार पर हल्दी और जल का मिश्रण मिलाकर स्वास्तिक जरूर बनाएं।वहीँ मुख्य द्वार पर आम या अशोक के पत्तों का तोरण  लगाएं,ये शुभ और समृद्धिकारक माना गया है। ऐसा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होकर आपके घर में धन और धान्य की कमी नहीं होने देंगी।
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सांयकाल में दीपदान
कार्तिक पूर्णिमा पर  गंगा या अन्य पवित्र नदियों में दीपदान करना बेहद शुभ माना जाता हैं। इसलिए इस दिन किसी पवित्र नदी, तालाब,मंदिर एवं खुले आकाश के नीचे दीप अवश्य जलाएं। ऐसा करने से आपको पुण्य फलों की प्राप्ति होगी। इस दिन यदि आप तुलसी के पास दीपक जलाकर उसकी जड़ की मिट्टी का तिलक लगाएं, तो आपको हर कार्य में सफलता प्राप्त हो सकती हैं।

शिव-पार्वती की करें पूजा
कार्तिक पूर्णिमा को त्रिपुरारी पूर्णिमा भी कहा जाता है। इस दिन भगवान शिव-पार्वती,गणेश,कार्तिकेय एवं नंदी की पूजा करनी बेहद शुभ मानी जाती है। यदि आप इस दिन शिव परिवार की पूजा पंचामृत चढ़ाकर करें, तो भगवान शिव प्रसन्न होकर आपके सभी कष्टों को दूर करके सभी मनोरथों को शीघ्र पूर्ण कर सकते हैं।


दान अवश्य करें 
सुख-सौभाग्य में वृद्धि के लिए इस दिन अन्न, दूध, फल, चावल, तिल और आवंले का दान करें। इस दिन ब्राह्मण, बहन और बुआ को अपनी श्रद्धा के अनुसार वस्त्र और दक्षिणा अवश्य दें।  शाम के समय जल में  थोड़ा कच्चा दूध,चावल और चीनी मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्य देने से आप पर चंद्रमा की सदैव कृपा बनी रहती है।लक्ष्मी जी की कृपा पाने के लिए इस दिन पीपल के वृक्ष की जड़ में जल में थोड़ा कच्चा दूध मिलाकर अवश्य चढ़ाएं, क्योंकि इस दिन पीपल के पेड़ पर मां लक्ष्मी और विष्णुजी का वास माना जाता है।

Kartik Purnima 2022: कार्तिक पूर्णिमा पर क्या करें और क्या नहीं? जानिए सभी जरूरी नियम

 
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