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काल भैरव जयंती आज, सभी प्रकार के कष्टों से मुक्ति पाने के लिए इस दिन कर लें यह आसान उपाय
Tue, 05 Dec 2023 12:16 PM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Tue, 05 Dec 2023 12:16 PM IST
सार
मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान कालभैरव के प्राकट्य पर्व के रूप में मनाया जाता है। शास्त्रों में वर्णित है कि इस दिन भगवान कालभैरव का अवतरण हुआ था। इन्हें भगवान शिव का पंचम अवतार माना जाता है।
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काल भैरव जयंती
विस्तार
यूं तो हर महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी का व्रत किया जाता है, लेकिन मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान कालभैरव के प्राकट्य पर्व के रूप में मनाया जाता है। शास्त्रों में वर्णित है कि इस दिन भगवान कालभैरव का अवतरण हुआ था। इन्हें भगवान शिव का पंचम अवतार माना जाता है। मान्यता है कि जो व्यक्ति काल भैरव जयंती के दिन काल भैरव जी की विधिवत श्रद्धा से पूजा करता है, उससे वे प्रसन्न होते हैं। साथ ही भैरवजी की पूजा से भूत-प्रेत, नकारात्मक शक्तियां और ऊपरी बाधा आदि जैसी समस्याएं भी दूर होती हैं। इस दिन कुछ उपाय करने से भैरवजी प्रसन्न होते हैं,वही कुछ ऐसे काम हैं जिनको करने से वे रुष्ट हो सकते हैं। आइए जानते हैं।
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दीपक जलाएं
कालभैरव जयंती के दिन पूजा आदि करने से व्यक्ति को भय से मुक्ति प्राप्त होती है। इतना ही नहीं कालभैरव की पूजा करने से ग्रह बाधा और शत्रु बाधा दोनों से ही मुक्ति मिलती है। भगवान काल भैरव जी की कृपा पाने के लिए और उनकी अनुकम्पा प्राप्त करने के लिए कालाष्टमी के दिन से भगवान भैरव की प्रतिमा के आगे सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए। इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। भगवान काल भैरव को काले तिल, उड़द और सरसों का तेल का दीपक अर्पित करना चाहिए साथ ही मंत्रों के जाप के साथ ही उनकी विधिवत पूजा करने से वह प्रसन्न होते हैं और उनकी कृपा प्राप्त होती है।
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बिल्वपत्र चढ़ाएं
इस दिन श्रद्धानुसार साबुत बिल्बपत्रों पर लाल या सफ़ेद चंदन से 'ॐ नमः शिवाय' लिखकर शिवलिंग पर चढ़ाएं।बिल्बपत्र अर्पित करते समय पूर्व या उत्तर की ओर मुख करें। इस तरह पूजा करने से काल भैरव प्रसन्न होकर आपकी मनोकामना पूर्ण करेंगे।
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कुत्ते को खाना दें
भगवान कालभैरव का वाहन कुत्ता है,इसलिए भैरव की कृपा पाने के लिए इस दिन काले कुत्ते को मीठी रोटी अथवा गुड़ के पुए खिलाएं। ऐसा करने से आपके जीवन से कष्टों का निवारण होगा।
जप करना श्रेष्ठ
भगवान कालभैरव की उपासना से भूत,प्रेत एवं ऊपरी बाधाएं दूर होती हैं। सभी नकारात्मक शक्तियों से छुटकारा पाने के लिए इस दिन ॐ कालभैरवाय नम: का जप एवं कालभैरवाष्टक का पाठ करना चाहिए साथ में चौमुखी दीपक जलाएं और भैरव चालीसा का पाठ करें। ऐसा करने से राहु के अशुभ प्रभाव कम होते हैं। इस दिन व्रत रखकर पूरे विधि-विधान से काल भैरव की पूजा करने से व्यक्ति के सारे कष्ट मिट जाते हैं। काल उससे दूर हो जाता है।
दान दें
भैरव की कृपा पाने के लिए इस दिन किसी भी भैरव मंदिर में गुलाब, चंदन और गुगल की खुशबूदार अगरबत्ती जलाएं। पांच या सात नींबू की माला भैरव जी को चढ़ाएं। गरीब और बेसहारा लोगों को गर्म कपड़े का दान करें।