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Ganesh Chaturthi 2024: भाद्रपद शुक्ल पक्ष की गणेश चतुर्थी को क्यों नहीं किया जाता हैं चंद्र दर्शन

Sat, 07 Sep 2024 06:18 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Sat, 07 Sep 2024 06:18 AM IST
सार

Ganesh Chaturthi 2024: भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को गणेश जी के सिद्धि विनायक स्वरूप की पूजा की जाती है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन गणेश जी दोपहर में अवतरित हुए थे, इसलिए यह गणेश चतुर्थी विशेष फलदायी बताई जाती है।

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Ganesh Chaturthi 2024 Why Bhadrapada Shukla Paksha Chaturthi Tithi Does Not Chandra Darshan
Ganesh Chaturthi - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

Ganesh Chaturthi 2024: गणपति बप्पा जन-जन के मन में बसे जो रहते हैं, जो भी भक्ति भाव से इन्हें पुकारता है गणपति उनकी मनोकामना अवश्य ही पूरी करते है। सनातन धर्म के त्योहारों में गणेश चतुर्थी एक मुख्य त्योहार है जो भाद्रपद शुक्लपक्ष चतुर्थी के दिन मनाया जाता है। वैसे तो प्रत्येक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि गणेश जी के पूजन और उनके नाम का व्रत रखने का विशेष दिन है, लेकिन भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को गणेश जी के सिद्धि विनायक स्वरूप की पूजा की जाती है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन गणेश जी दोपहर में अवतरित हुए थे, इसलिए यह गणेश चतुर्थी विशेष फलदायी बताई जाती है।

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पूरे देश में यह त्योहार गणेशोत्सव के नाम से प्रसिद्ध है। लोक भाषा में इस त्योहार को डण्डा चौथ भी कहा जाता है। हमारे धर्मग्रंथों के अनुसार गणेश चतुर्थी को चंद्र दर्शन नहीं करने चाहिए क्योंकि इस रात्रि को चंद्र दर्शन करने से झूठे आरोप लगते है। श्री मदभागवत के अनुसार, एक बार भगवान श्रीकृष्ण ने शुक्ल पक्ष की भाद्रपद चौथ के दिन चंद्र दर्शन कर लिए थे, तब उन पर भी स्यामंतक मणि चुराने का आरोप लगा था जिससे मुक्ति पाने के लिए उन्होनें विधिवत गणेश चतुर्थी का व्रत किया था।
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इसलिए नहीं करते चंद्र दर्शन
इस संबंध में एक कथा है कि जब भगवान गणेश को गज का मुख लगाया गया तो वे गजानन कहलाए और माता-पिता के रूप में पृथ्वी की सबसे पहले परिक्रमा करने के कारण अग्रपूज्य हुए। सभी देवताओं ने उनकी स्तुति की पर चंद्रमा मंद-मंद मुस्कुराते रहें उन्हें अपने सौंदर्य पर अभिमान था। गणेशजी समझ गए कि चंद्रमा अभिमान वश उनका उपहास कर रहे हैं। क्रोध में आकर भगवान श्री गणेश ने चंद्रमा को श्राप दे दिया कि - आज से तुम काले हो जाओगे। चंद्रमा को अपनी भूल का अहसास हुआ। उन्होनें श्री गणेश जी से क्षमा मांगी तो गणेश जी ने कहा कि सूर्य के प्रकाश को पाकर तुम एक दिन पूर्ण हो जाओगे यानी पूर्ण प्रकाशित होंगे। लेकिन चतुर्थी का यह दिन तुम्हें दण्ड देने के लिए हमेशा याद किया जाएगा। इस दिन को याद कर कोई अन्य व्यक्ति अपने सौंदर्य पर अभिमान नहीं करेगा। जो कोई व्यक्ति आज यानि भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी के दिन तुम्हारे दर्शन करेगा, उस पर झूठा आरोप लगेगा।

गणेश चतुर्थी पर भूलवश देख लें चंद्रमा तो करें यह उपाय
यदि आप गणेश चतुर्थी पर गलती से चंद्रमा देख लेते हैं तो उसके दोष से बचने के लिए कुछ  उपाय कर सकते हैं। दोष से मुक्ति के लिए सबसे पहले गणेश जी की पूजा करें। उसके बाद पूजा में उपयोग किए गए फल, फूल, मिठाई आदि को चंद्रमा को दिखाकर किसी जरुरतमंद को दान कर दें।  झूठे कलंक से मुक्ति के लिए नीचे दिए गए मंत्र का जाप करें।

सिंहः प्रसेन मण्वधीत्सिंहो जाम्बवता हतः।
सुकुमार मा रोदीस्तव ह्मेषः स्यमन्तकः।।


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