फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   Adhik Mass Amavasya 2023 Date Tithi Importance And Upay For Amavasya To Avoid Pitru Dosh

Adhik Mass Amavasya 2023: तीन साल बाद अधिकमास अमावस्या पर कर लेंगे ये उपाय तो मिलेगी पितृदोष से मुक्ति

Sat, 12 Aug 2023 07:33 AM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Sat, 12 Aug 2023 07:33 AM IST
सार

अमावस्या तिथि पर पितरों को तर्पण, ग्रह दोषों से छुटकारा पाने के लिए उपाय और दान आदि कर्म किया जाता है। 3 साल बाद अधिकमास में अमावस्या 16 अगस्त 2023 को मनाई जा रही है।

विज्ञापन
Adhik Mass Amavasya 2023 Date Tithi Importance And Upay For Amavasya To Avoid Pitru Dosh
03 साल बाद अधिकमास की अमावस्या - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Adhik Mass Amavasya 2023 Date Tithi Importance: हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व होता है। अमावस्या तिथि पर पितरों को तर्पण, ग्रह दोषों से छुटकारा पाने के लिए उपाय और दान आदि कर्म किया जाता है। 3 साल बाद अधिकमास की अमावस्या 16 अगस्त 2023 को मनाई जा रही है। शास्त्रों में अधिकमास में पड़ने वाली अमावस्या तिथि का खास महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अमावस्या की तिथि पर सभी पितरगण पृथ्वी लोक आते हैं और अपने परिजनों के द्वारा किए गए पिंडदान और तर्पण प्राप्त करके उनको आशीर्वाद देते हैं। वहीं ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार कुंडली से पितृदोष को खत्म करने के लिए कई तरह के ज्योतिषीय उपाय किए जाते हैं। आइए जानते हैं 3 साल बाद अधिकमास में पड़ने वाली अमावस्या तिथि पर कौन-कौन सा उपाय कर सकते हैं।

विज्ञापन


अधिकमास अमावस्या तिथि 2023
हिंदू पंचांग के अनुसार हर 3 साल बाद पड़ने वाली अधिकमास की अमावस्या की तिथि 15 अगस्त 2023,मंगलवार को दोपहर 12 बजकर 42 मिनट शुरू होगी और इसका समापन 16 अगस्त को दोपहर 03 बजकर 07 मिनट हो जाएगा। इसी के साथ करीब एक महीने तक चलने वाला मलमास का महीना भी खत्म हो जाएगा और दोबारा से सावन का महीना शुरू जाएगा।
विज्ञापन


क्या होता है पितृ दोष ?
वैदिक ज्योतिष शास्त्र में पितृदोष का विशेष महत्व होता है। पितृदोष को शुभ नहीं माना जाता है। हिंदू धर्म के अनुसार जब भी किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है तो उसका अंतिम संस्कार विधि-विधान से करना जरूरी होता है। ऐसे में जिन लोगों की मृत्यु होती है और उनका अंतिम संस्कार सही तरीके से नहीं हो पाता है तो उनके परिजनों के ऊपर कई पीढ़ियों तक पितृदोष लगल जाता है। जिन जातकों के ऊपर यानी उनकी कुंडली में पितृदोष होता है वे संतान के सुख से वंचित रहते हैं। पितृदोष से पीड़ित व्यक्ति को नौकरी, व्यवसाय और घर-गृहस्थी पर बुरा प्रभाव पड़ता है। पितृदोष होने पर अक्सर बुरे-बुरे सपने आते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


अधिकमास अमावस्या पर करें ये उपाय
अधिकमास की अमावस्या तिथि का विशेष महत्व होता है। अधिकमास अमावस्या पर भगवान शिव की पूजा करने का विशेष रूप से लाभ होता है। कुंडली से पितृदोष संबंधी ग्रह दोष को दूर करने के लिए इस दिन शिवलिंग पर जल, दूध, दही, शहद और काला तिल चढ़ाना चाहिए। इसके अलावा लंबी आयु और मृत्यु के भय को दूर करने के लिए शिवलिंग पर सफेद आक का फूल, बेलपत्र, भांग और धतूरा आदि चढ़ाएँ। अमावस्या तिथि पर पितरों को तर्पण करें और सूर्यदेव को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें। अमावस्या तिथि पर मंत्रों का जाप करना बहुत ही लाभदायक माना जाता है। इस गंगास्नान करने के बाद पितृसूक्त, पितृ स्तोत्र और पितृ कवच का पाठ करना चाहिए।

यह भी पढ़ें-


 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed