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Rang Panchami 2023: रंग पंचमी आज, जानिए महत्व और किस देवी-देवता पर चढ़ाएं कौन सा रंग

Sun, 12 Mar 2023 07:17 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Sun, 12 Mar 2023 07:17 AM IST
सार

रंग पंचमी का पर्व देश के कई राज्यों में धूमधाम से मनाया जाता है। जिस प्रकार कार्तिक पूर्णिमा देवताओं की दिवाली मानी गई है उसी प्रकार रंग पंचमी को देवताओं की होली माना गया है।  

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Rang Panchami 2023 Date Significance Shubh Muhurat Puja Vidhi And Reason News in Hindi
रंग पंचमी 2023: रंग पंचमी का पर्व देश के कई राज्यों में धूमधाम से मनाया जाता है। - फोटो : amar ujala

विस्तार

Rang Panchami 2023 : प्रेम और सदभावना का त्योहार होली पर रंगों और गुलाल खेलने का सिलसिला चैत्र कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से शुरू होकर कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि तक चलता है। पंचमी तिथि को इस पर्व का समापन होता है, इस दिन को रंग पंचमी के नाम से जाना जाता है। रंग पंचमी का पर्व देश के कई राज्यों में धूमधाम से मनाया जाता है। जिस प्रकार कार्तिक पूर्णिमा देवताओं की दिवाली मानी गई है उसी प्रकार रंग पंचमी को देवताओं की होली माना गया है।  

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रंग पंचमी का महत्व
इस दिन लोग राधा-कृष्ण को अबीर गुलाल अर्पित करते हैं वहीं देश के कुछ राज्यों में इस दिन जुलूस निकालने की भी परंपरा है।पुराणों के अनुसार रंग पंचमी को देवताओं की होली भी कहा जाता है, इसलिए लोग इस दिन आसमान की ओर गुलाल फेंकते हैं और अपने इष्टदेव से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगते हैं। धार्मिक  मान्यता है कि इस गुलाल से देवी देवता प्रसन्न होते हैं और जब वो गुलाल वापस नीचे आकर गिरता है, तो उससे पूरा वातावरण शुद्ध हो जाता है हर तरफ की नकारात्मक ऊर्जा एवं बुरी शक्तियों का नाश होता है और चारों तरफ सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है,देवी-देवताओं की कृपा मिलती है।
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पौराणिक कथा
रंगपंचमी के दिन प्रभु श्रीकृष्ण ने राधारानी के साथ होली खेली थी। इसी वजह से इस दिन विधि-विधान से राधा-कृष्ण की पूजा करने के बाद गुलाल आदि अर्पित करके खेला जाता है। दूसरी पौराणिक कथा के मुताबिक, होलाष्टक के दिन महादेव ने कामदेव को भस्म कर दिया था जिसकी वजह से देवलोक में सब दुखी थे। मगर देवी रति और देवताओं की प्रार्थना पर कामदेव को दोबारा जीवित कर देने का आश्वासन भगवान महादेव ने दिया तो सभी देवी-देवता प्रसन्न हो गए और रंगोत्सव मनाने लगे। इसके बाद से ही पंचमी तिथि को रंगपंचमी का त्योहार मनाया जाने लगा।
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अपने इष्टदेव को इन रंगों में रंग दें
रंग पंचमी के दिन लोग हवा में देवी-देवताओं के निमित्त अलग-अलग फूलों से सुगंधित अबीर-गुलाल को उड़ाते है। इस दिन प्रभु श्री कृष्ण,श्री राम और प्रभु श्री विष्णु को पीला रंग अर्पित कर सकते हैं। ऐसे में उन्हें पीले रंग के वस्त्र पहनाएं तथा उनके चरणों में पीले रंग का अबीर चढ़ाएं। ऐसा करने से आपकी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी,आध्यत्मिक ऊर्जा का विकास होगा। मां लक्ष्मी, बजरंगबली और भैरव महाराज को लाल रंग अर्पित करें,धन आगमन के साथ-साथ आपके जीवन के क्लेश दूर होंगे। मां बगलामुखी को पीले रंग का अबीर अर्पित करें एवं सूर्यदेव को लाल रंग का गुलाल अर्पित करने से सारे शोक दूर होकर मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। शनि देव को नीला रंग बहुत प्रिय होता है,उन्हें नीला रंग अर्पित करें।

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