फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Festivals ›   krishna janmashtami 2026 tithi puja muhurat date rohini nakshtra yog puja muhurat and vidhi

शुभ योग में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी आज, जानिए कब है पूजा का शुभ मुहूर्त, रोहिणी नक्षत्र और पूजा-पारण विधि

Thu, 03 Sep 2026 07:40 PM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Thu, 03 Sep 2026 07:40 PM IST
सार

krishna janmashtami 2026: शास्त्रों में जन्माष्टमी के व्रत को एक हजार एकादशी व्रत के समान माना गया है। जाप का अनन्त गुना फल देने वाला जन्माष्टमी के दिन ध्यान, जाप और रात्रि जागरण का विशेष महत्व है। 

विज्ञापन
krishna janmashtami 2026 tithi puja muhurat date rohini nakshtra yog puja muhurat and vidhi
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व है। हिंदू पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाता है। इस वर्ष कई वर्षों बाद कृष्ण जन्माष्टमी पर शुभ योगों का निर्माण हो रहा है। इस बार कान्हा के जन्मोत्सव पर अष्टमी तिथि के साथ रोहिणी नक्षत्र के साथ चंद्रमा वृषभ राशि और सूर्य कर्क राशि में रहेंगे। आइए विस्तार से जानते हैं इस जन्माष्टमी के बारे में विस्तार से सबकुछ।
विज्ञापन


कृष्ण जन्माष्टमी तिथि 2026 
पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत, 4 सितंबर को रात 2 बजकर 25 मिनट पर होगा, जो 5 सितंबर 2026 को रात 12 बजकर 13 मिनट पर समाप्त होगी। उदया तिथि और श्रीकृष्ण जन्म के समय 4 सितंबर 2026 शुक्रवार को जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। 
विज्ञापन


श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर खास संयोग
इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर काफी खास संयोग बन रहा है। इस बार मध्यरात्रि को अष्टमी तिथि के साथ रोहिणी नक्षत्र और चंद्रमा के वृषभ राशि में संचार होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र को हुआ था और इस 4 सितंबर को वैसा ही ग्रहों-नक्षत्रों का संयोग बन रहा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


कृष्ण जन्माष्टमी पूजा का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर पूजा का शुभ समय  4 सितंबर को रात 11 बजकर 57 मिनट से लेकर 5 सितंबर की रात 12 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। चंद्रोदय का समय रात 11 बजकर 29 मिनट पर था। 

रोहिणी नक्षत्र का समय 
4 सितंबर 2026 रोहिणी नक्षत्र की शुरुआत देर रात 12 बजकर 29 मिनट से होगी और समाप्ति 4 सितंबर को 11 बजकर 04 मिनट तक रहेगी। 

पारण का समय 
पंचाग के अनुसार, अर्थरात्रि को श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाने के साथ व्रत का पारण 5 सितंबर को आधी रात 12 बजकर 43 मिनट के बाद होगा। 

दही हांडी 2026: 5 या 6 सितंबर कब है दही हांडी? जानें क्यों मनाते ये पर्व

जन्माष्टमी 2026: रात 12:13 बजे खत्म हो जाएगी अष्टमी तिथि, जानें कब करें लड्डू गोपाल का अभिषेक और आरती

जन्माष्टमी: रात 12 बजे नहीं जा सकते मंदिर, तो कृष्ण जन्म के समय घर पर इस विधि से करें पूजा






 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed