नगर निगम अफसरों पर मुकदमा, बच्चे का ही था टैंक के बाहर मिला जबड़ा
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युग हत्याकांड में सीआईडी की जांच सही दिशा में चल रही है। शुक्रवार को फोरेंसिक जांच में खुलासा हुआ है कि कलेस्टन टैंक के बाहर मिला जबड़ा एक बच्चे का ही है। रिपोर्ट में साफ लिखा गया है कि जबड़ा चार से पांच साल के बच्चे का है।
इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक महकमे से इस जांच के लिए डेंटल कॉलेज भेजा गया था। यहां ओएमआर विभाग में डाक्टरों के पैनल का गठन किया और इसकी गहनता से जांच की। इसके एक्सरे भी लिए गए। निचले जबड़े का परीक्षण किया गया।
तफ्तीश पूरी होने के बाद डाक्टरों ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि यह चार से पांच साल के बच्चे का ही जबड़ा है। यह रिपोर्ट आईजीएमसी को सौंप दी गई है। उधर, फोरेंसिक लैब जुन्गा में बाकी अवशेष भेजे गए हैं जहां डीएनए का मिलान होगा, वहां से रिपोर्ट आने के बाद साफ हो जाएगा कि यह अवशेष युग के ही हैं।
पूछताछ के बाद टैंक के बाहर मिला था टूटा हुआ जबड़ा
युग की हत्या के मामले में तीनों आरोपियों चंद्र शर्मा, तेजेंद्र सिंह और विक्रांत बख्शी से हुई पूछताछ के बाद कलेस्टन में टैंक के बाहर से यह टूटा हुआ जबड़ा बरामद किया गया था। जांच में पाया गया कि टैंक में सफाई के दौरान युग के कुछ अवशेष इकट्ठे कर बोरी में डाल दिए और टैंक के पास ही फेंक दिए।
सीआईडी ने जब टैंक को खंगाला तो उसमें से कुछ हड्डियां और कत्ल में इस्तेमाल किया गया पत्थर और प्लास्टिक की रस्सी भी बरामद की गई। जब इस बारे में नगर निगम से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि लंगूर के अवशेष समझ कर इन्हें बोरी में भरकर फेंक दिया गया था।
सीआईडी को अब इस मामले में केवल डीएनए रिपोर्ट का इंतजार है, उसके मिलते ही आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट तैयार करने में सीआईडी जुट जाएगी।
शव वाले टैंक का पानी पिलाने पर नगर निगम पर एफआईआर दर्ज
राजधानी के क्लस्टन में शव वाले टैंक से शहर को पेयजल आपूर्ति करने के लिए जिम्मेदार नगर निगम पर सीआईडी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल एफआईआर में निगम के किसी भी अफसर को नामजद नहीं किया गया है, लेकिन एमसी के म्यूनिसिपल इंजीनियर, एसडीओ, जेई और 20 कर्मचारियों की उस टीम पर गाज गिर सकती है जिन पर क्लस्टन वाटर टैंक की सफाई का जिम्मा था।
आरोपियों के नामजद होने के बाद गिरफ्तारियों का सिलसिला शुरू हो जाएगा। नगर निगम ने दावा किया था कि वर्ष 2015 से 2016 तक क्लस्टन टैंक की चार बार सफाई की गई है। ये सफाई कागजों पर खानापूर्ति भर थी। इसी टैंक में 21/22 जून 2014 को आरोपियों ने युग को जिंदा फेंक दिया था। इसके बाद से शहर को शव वाले टैंक से पानी पिलाया जा रहा था।
डीजीपी ने दिए केस दर्ज करने के निर्देश
सीआईडी की ओर से इस मामले में एफआईआर दर्ज करने के लिए पुलिस महानिदेशक को रिपोर्ट भेजकर जानकारी दी गई। डीजीपी संजय कुमार ने नगर निगम शिमला के अधिकारियों पर केस दर्ज करने के लिए शिमला पुलिस को निर्देश दिए।
डीजीपी संजय कुमार ने अपने इस आदेश की पुष्टि करते हुए कहा है कि पुलिस अधीक्षक शिमला को इस संबंध में एक पत्र लिखा गया है। इसमें लोगों को दूषित पानी पिलाने के लिए जिम्मेदार रहे अधिकारियों पर केस दर्ज करने को कहा गया है।
इसमें पुलिस अधीक्षक डीडब्ल्यू नेगी को कहा गया है कि जो भी अफसर इसके लिए जिम्मेदार रहे हैं, उनके खिलाफ कानून की उचित धाराओं के तहत कार्रवाई की जाए। एसपी डीडब्ल्यू नेगी ने कहा कि थाना सदर में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने इस मामले में आईपीसी की धारा 269, 270, 271, 217, 218, और 34 आईपीसी के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
दो विधायक लाए थे ध्यानाकर्षण, शिकायत में यह कहा सीआईडी ने
युग मामले पर बुधवार को शिमला से भाजपा विधायक सुरेश भारद्वाज और कसुम्पटी से कांग्रेस विधायक अनिरुद्ध सिंह ने विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाया था। इसमें कसुम्पटी के विधायक अनिरुद्ध सिंह ने तो यहां तक कह दिया था कि अगर जिला प्रशासन नगर निगम शिमला के अधिकारियों के खिलाफ शव वाले टैंक से पानी पिलाने पर एफआईआर दर्ज नहीं करेगा तो वह इसे स्वयं मामला दर्ज करवाएंगे। सदन में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने इस बारे में उचित कार्रवाई करने की बात की थी।
शिकायत में यह कहा सीआईडी ने
शिकायत में सीआईडी के डीएसपी भूपिंद्र बरागटा ने कहा कि जांच के दौरान पानी के टैंक के आस-पास खोपड़ी के टुकड़े पाए गए जबकि टैंक के भीतर कुछ हड्डियों के टुकड़े के अलावा प्लास्टिक की रस्सी के साथ बंधा हुआ पत्थर भी मिला। टीम को एक एयरटेल का सिम भी मिला है जिसकी पड़ताल की जा रही है। इस बीच नगर निगम के अधिकारियों ने सीआईडी को बताया कि 21 जून 2014 के बाद इस टैंक की सफाई कई बार की गई है। 2015-16 में चार बार इसे साफ किया गया है। इसमें नगर निगम के अफसरों की कोताही सामने आई है।
एबीवीपी ने हत्यारोपियों को मांगी फांसी
एबीवीपी की शिमला इकाई के आह्वान पर युग अपहरण और हत्या मामले के विरोध में राजधानी के कॉलेजों में शिक्षा बंद रखा गया। एबीवीपी ने कॉलेजों के बाहर धरने-प्रदर्शन किए। दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग उठाई। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने नगर निगम की ओर से लोगों को दो साल तक दूषित पानी वितरित करने पर मेयर और डिप्टी मेयर से इस्तीफा मांगा।
राजधानी के इवनिंग कॉलेज सहित संजौली, आरकेएमवी, कोटशेरा और संस्कृत कॉलेज इकाइयों ने शिक्षा बंद रखा और कॉलेज के बाहर प्रदर्शन और नारेबाजी की। कोटशेरा कॉलेज में इकाई अध्यक्ष अभिषेक वर्मा, सचिव कमलेश ठाकुर की अगुवाई में कक्षाओं का बहिष्कार और प्रदर्शन किया गया और युग की आत्मा की शांति को कैंडल मार्च निकाला। संजौली में सचिव मनीष और उपाध्यक्ष सहर्ष की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने कक्षाएं बंद करवाईं और गेट के बाहर प्रदर्शन किया।
आरकेएमवी में निशा और मीनाक्षी के नेतृत्व में कॉलेज गेट के बाहर धरना प्रदर्शन किया। इवनिंग कॉलेज इकाई अध्यक्ष राहुल और उपाध्यक्ष सुरेंद्र की अगुवाई में कक्षाओं का बहिष्कार किया गया। यहां एबीवीपी के नगर मंत्री संजीव शर्मा ने कहा कि युग के हत्यारों का मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाए। आरोप लगाया कि नगर निगम ने भी टैंकों की सफाई को लेकर शहर की जनता को गुमराह किया है। लापरवाही बरत कर लोगों को दूषित पानी पिलाया है, इसलिए मेयर और डिप्टी मेयर के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज की जाए।
मासूम युग को इंसाफ दिलाने की राज्यपाल से गुहार
मासूम युग को इंसाफ दिलाने के लिए शुक्रवार को परिजन व्यापार मंडल के साथ पैदल मार्च कर राजभवन पहुंचे। व्यापार मंडल के सदस्यों और युग के परिजनों ने राज्यपाल से युग के कातिलों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में केस चलाने और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की। परिजनों ने कातिलों के ऊंचे ओहदों पर बैठे रिश्तेदारों पर आरोप लगाया कि वे आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने सीआईडी पर भरोसा जताते हुए कहा कि सीआईडी ने इस केस की जांच करते हुए युग के हत्यारों को पकड़ा है। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने परिजनों को आश्वासन देते हुए कहा कि मासूम के साथ अनैतिक अत्याचार हुआ है। इस तरह का मामला प्रदेश में पहली बार हुआ है। उन्होंने कहा कि कातिलों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की मांग करेंगे कि कभी भविष्य में कोई भी इस तरह का जघन्य अपराध करने की न सोचें। इस दौरान युग के पिता व परिजन और व्यापार मंडल के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह आदि मौजूद थे।