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डीसी साहब! क्या शिमला में ही बढ़ी है महंगाई
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Mon, 20 Oct 2014 08:20 PM IST
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युवा सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठन ने उपायुक्त शिमला दिनेश मल्होत्रा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि हिमाचल के सभी जिलोें में शिमला के मुकाबले खाने-पीने के दाम बहुत कम है।
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ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सिर्फ शिमला में ही महंगाई बढ़ी है। संगठन ने उपायुक्त को दो सप्ताह के भीतर दाम घटाने का अल्टीमेटम नहीं दिया है। संगठन ने चेताया है कि अगर दाम नहीं घटाए गए तो उग्र विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। संगठन के अध्यक्ष महेश ठाकुर ने कहा है कि प्रशासन ने चाय 10 रुपये, समोसा 10 रुपये और खाने की थाली 60 रुपये कर दी है।
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पूरे प्रदेश में शिमला ही एक ऐसा जिला है जहां खाद्य वस्तुओं की कीमतें इतनी अधिक हैं। कहा कि धर्मशाला में चाय 7 रुपये, खाना 40 रुपये और परांठा 15 रुपये में मिल रहा। सोलन और कुल्लू और दूसरे जिलों में भी खाद्य वस्तुओं के दाम या तो इसके बराबर हैं या इससे कम। कबाइली जिलों लाहौल स्पीति और किन्नौर में तो खाद्य वस्तुओं की कीमतें धर्मशाला, सोलन और कुल्लू से भी कम है।
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संगठन ने उपायुक्त दिनेश मल्होत्रा से सवाल किया कि आखिर उन्होंने किस आधार पर खाद्य वस्तुओं की कीमतें बढ़ाई हैं। कहा कि डीसी यह स्पष्ट करें कि कीमतों के निर्धारण के लिए क्या मापदंड अपनाए गए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने चंद व्यापारियों को खुश करने के लिए लाखों लोगों पर महंगाई का चाबुक चलाया है। संगठन ने चेताया है कि यदि प्रशासन ने दो सप्ताह में खाद्य वस्तुओं की कीमतों में कमी नहीं की तो संगठन दूसरी संस्थाओं के साथ मिल कर आंदोलन करेगी।