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पहाड़ी से कंटीली झाड़ियों के बीच युवाओं ने लगाई रोंगटे खड़े कर देने वाली दौड़, ये है वजह
Fri, 06 Sep 2019 10:42 PM IST
Krishan Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 06 Sep 2019 10:42 PM IST
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पहाड़ी से दौड़ लगाते युवक
- फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल के जिला कुल्लू के देवी-देवताओं की अनोखी देव परंपराओं का निर्वहन आज भी किया जा रहा है। माता फुंगणी के सम्मान में लोहड़ी आच्छरी में युवाओं के बीच रोंगटे खड़े कर देने वाली दौड़ लगी।
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यह दैवीय शक्ति का असर है कि कंटीली झाड़ियां और पहाड़ी के बीच सांस को थमा देने वाली उतराई में युवक ऐसे उतर रहे थे, जैसे सीढ़ियों से नीचे आ रहे हो। अपनी जान की परवाह न करते हुए करीब चार दर्जन युवा पहाड़ी से माता फुंगणी के स्थान तक पहुंचने के लिए ऐसे कूदे मानो जैसे आग लग गई हो।
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सारी कोठी के तहत आने वाली सरली से लेकर ब्यासर तक सैकड़ों श्रद्धालु माता फुंगणी के दरबार लोहड़ी आच्छरी में बुधवार को पहुंचे थे। एक जगह पर फुंगणी की पूजा-अर्चना हुई।
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माता फुंगणी से करीब एक किलोमीटर नीचे माता का स्थान जिसे स्थानीय भाषा में ओड़ी कहा जाता है, इसके चारों ओर कांटे लगाए जाते हैं। मान्यता है कि जो सबसे पहले माता के स्थान तक पहुंचता है तो उसकी मनोकामना भी पूरी हो जाती है।
सोशल मीडिया पर इस दौड़ का एक वीडियो भी वायरल हो गया है। नल्हाच पंचायत के प्रधान नूतन कुमार ने कहा कि माता फूंगणी लोहड़ी आच्छरी के सम्मान में इस दौड़ को लगाने की परंपरा है।
माता के स्थान तक हर कोई नहीं पहुंच पाता। एक किलोमीटर की दौड़ में कई बाधाएं आती हैं। उन्होंने कहा कि इस परंपरा का सदियों से निर्वहन किया जा रहा है।