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युवा इतिहासकार संगोष्ठी: पांडे बोले- देश की गौरवमयी घटनाओं को सामने लाने का समय
Sat, 10 Jun 2023 08:40 PM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 10 Jun 2023 08:40 PM IST
सार
प्रदेश के जिला मुख्यालय कुल्लू के साथ लगते वैष्णो माता मंदिर में दो दिवसीय राष्ट्रीय युवा इतिहासकार संगोष्ठी के पहले दिन छह सत्रों में 17 प्रांतों से आए 90 शोधकर्ताओं ने अपने शोधपत्र पढ़े।
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राष्ट्रीय युवा इतिहासकार संगोष्ठी
- फोटो : संवाद
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के जिला मुख्यालय कुल्लू के साथ लगते वैष्णो माता मंदिर में दो दिवसीय राष्ट्रीय युवा इतिहासकार संगोष्ठी के पहले दिन छह सत्रों में 17 प्रांतों से आए 90 शोधकर्ताओं ने अपने शोधपत्र पढ़े। अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना एवं केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला की ओर से आयोजित संगोष्ठी का शुभारंभ योजना के संगठन मंत्री डॉ. बालम कुंद पांडे ने किया। कहा कि भारतीय इतिहास में जो विकृतियां फैलाई गई हैं, अब उन्हें ठीक करने की आवश्यकता है।
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हमें अपने देश की गौरवमयी घटनाओं को सामने लाना होगा। मुख्य वक्ता के तौर पर डॉ. ईश्वर शरण विश्वकर्मा ने कहा कि देश के स्वतंत्रता आंदोलन में जिन नेपथ्य के नायकों की भूमिका रही है, उनकी कुर्बानी को लिखित रूप में सामने लाने की आवश्यकता है। केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला के कुलपति डॉ. सत प्रकाश बंसल ने कहा कि यह युवा इतिहासकारों का दायित्व है कि देश के सही और तथ्य पूर्ण इतिहास पर शोध करके सामने लाएं। इस संगोष्ठी में देशभर के 258 युवा इतिहासकार अपने-अपने शोधपत्र प्रस्तुत कर रहे हैं। जिनमें 24 शोधार्थी हिमाचल प्रदेश से भाग के रहे हैं।
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