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Shimla News: खस्ताहाल कमरों में नहीं पढ़ेंगे नौनिहाल, आंगनबाड़ी केंद्रों का होगा कायाकल्प
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आजीविका मिशन ग्रामीण योजना के तहत जिले में 2200 आंगनबाड़ी केंद्रों की हालत सुधरेगी
एक्सक्लूसिव
हर आंगनबाड़ी केंद्र को मिलेंगे एक-एक लाख रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिले के हजारों नौनिहाल अब खस्ताहाल आंगनबाड़ी केंद्रों में नहीं पढ़ेंगे। विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जी राम जी) योजना के तहत सभी केंद्रों में रंग-रोगन समेत मरम्मत का कार्य होगा। योजना के तहत जिले के 2200 आंगनबाड़ी केंद्रों का कायाकल्प हो सकेगा।
जिला प्रशासन ने इस संबंध में सभी पंचायतों को निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके तहत सभी केंद्रों को एक-एक लाख रुपये की राशि जारी की जाएगी। योजना के तहत संबंधित पंचायतों के प्रधान और प्रतिनिधि आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करेंगे और उनकी स्थिति के बारे में एक पूरी रिपोर्ट बनाकर प्रशासन को भेजेंगे। इसके बाद शेल्फ तैयार कर इन केंद्रों में जरूरी मरम्मत कार्य रंग-रोगन का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा और प्रशासन से मंजूरी के बाद डिटेल एस्टीमेट तैयार कर औपचारिकताओं को पूरा किया जाएगा। इसके बाद सभी केंद्रों में मरम्मत और अन्य जरूरी काम हो सकेंगे। इस योजना के तहत जिले के 2200 आंगनबाड़ी केंद्रों का कायाकल्प हो सकेगा। इन केंद्रों में हजारों नौनिहाल पढ़ाई करते हैं।
वर्तमान में कई केंद्रों की स्थिति खस्ताहाल बनी हुई है। कई जगहों पर भवन की हालत ठीक है कि तो वहीं रंग रोगन नहीं होने की वजह से केंद्र के कमरों की हालत दयनीय बनी हुई है। इस वजह से कई जगहों पर लोग अपने बच्चों को ऐसे केंद्रों में भेजने से दूरी बना रहे हैं। इसको देखते हुए जिला प्रशासन ने जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की मरम्मत और अन्य जरूरी कार्य करवाने के लिए वीबी-जी राम जी में इसका प्रावधान किया है। पंचायत के प्रतिनिधियों और प्रशासन के समन्वय से इन केंद्रों के हालत में आने वाले दिनों में सुधार होगा। वहीं प्रशासन के मुताबिक योजना में सिर्फ उन्हीं केंद्रों की मरम्मत और अन्य कार्य होंगे जिनका संचालन सरकारी भवनों में हो रहा है। निजी भवन में संचालित होने वाले केंद्र इस योजना के दायरे में नहीं आएंगे।
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कोट
विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण के तहत जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में रंग रोगन और मरम्मत के कार्य हो सकेंगे। इस बारे में पंचायत के प्रतिनिधियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके तहत हर केंद्र को एक-एक लाख रुपये की राशि जारी की जाएगी।
-सचिन शर्मा, एडीसी शिमला
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एक्सक्लूसिव
हर आंगनबाड़ी केंद्र को मिलेंगे एक-एक लाख रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिले के हजारों नौनिहाल अब खस्ताहाल आंगनबाड़ी केंद्रों में नहीं पढ़ेंगे। विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जी राम जी) योजना के तहत सभी केंद्रों में रंग-रोगन समेत मरम्मत का कार्य होगा। योजना के तहत जिले के 2200 आंगनबाड़ी केंद्रों का कायाकल्प हो सकेगा।
जिला प्रशासन ने इस संबंध में सभी पंचायतों को निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके तहत सभी केंद्रों को एक-एक लाख रुपये की राशि जारी की जाएगी। योजना के तहत संबंधित पंचायतों के प्रधान और प्रतिनिधि आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करेंगे और उनकी स्थिति के बारे में एक पूरी रिपोर्ट बनाकर प्रशासन को भेजेंगे। इसके बाद शेल्फ तैयार कर इन केंद्रों में जरूरी मरम्मत कार्य रंग-रोगन का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा और प्रशासन से मंजूरी के बाद डिटेल एस्टीमेट तैयार कर औपचारिकताओं को पूरा किया जाएगा। इसके बाद सभी केंद्रों में मरम्मत और अन्य जरूरी काम हो सकेंगे। इस योजना के तहत जिले के 2200 आंगनबाड़ी केंद्रों का कायाकल्प हो सकेगा। इन केंद्रों में हजारों नौनिहाल पढ़ाई करते हैं।
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वर्तमान में कई केंद्रों की स्थिति खस्ताहाल बनी हुई है। कई जगहों पर भवन की हालत ठीक है कि तो वहीं रंग रोगन नहीं होने की वजह से केंद्र के कमरों की हालत दयनीय बनी हुई है। इस वजह से कई जगहों पर लोग अपने बच्चों को ऐसे केंद्रों में भेजने से दूरी बना रहे हैं। इसको देखते हुए जिला प्रशासन ने जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की मरम्मत और अन्य जरूरी कार्य करवाने के लिए वीबी-जी राम जी में इसका प्रावधान किया है। पंचायत के प्रतिनिधियों और प्रशासन के समन्वय से इन केंद्रों के हालत में आने वाले दिनों में सुधार होगा। वहीं प्रशासन के मुताबिक योजना में सिर्फ उन्हीं केंद्रों की मरम्मत और अन्य कार्य होंगे जिनका संचालन सरकारी भवनों में हो रहा है। निजी भवन में संचालित होने वाले केंद्र इस योजना के दायरे में नहीं आएंगे।
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विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण के तहत जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में रंग रोगन और मरम्मत के कार्य हो सकेंगे। इस बारे में पंचायत के प्रतिनिधियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके तहत हर केंद्र को एक-एक लाख रुपये की राशि जारी की जाएगी।
-सचिन शर्मा, एडीसी शिमला