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हिमाचल: सलमान रुश्दी की सोलन स्थित संपत्ति का विवाद पहुंचा हिमाचल हाईकोर्ट, हरियाणा के दो लोगों ने जताया हक
Wed, 19 Oct 2022 05:24 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 19 Oct 2022 05:24 PM IST
सार
याचिकाकर्ता का आरोप है कि वह संपत्ति की वर्ष 1997 से देखभाल कर रहा है और अब उसे जबरदस्ती बाहर निकाला जा रहा है। इस संपत्ति पर पहले राजस्व विभाग का कब्जा था।
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मशहूर लेखक सलमान रुश्दी
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
भारतीय मूल के मशहूर लेखक सलमान रुश्दी की सोलन स्थित संपत्ति अनीस विला पर हरियाणा के दो लोगों के हक जताने के खिलाफ संपत्ति की देखभाल करने वाले ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। गोविंद राम की इस याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश एए सैयद और न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की खंडपीठ ने इस विवाद को दीवानी मामला बताया है। खंडपीठ ने मामले को दीवानी अदालत में सुलझाने की इजाजत देते हुए याचिका का निपटारा कर दिया। संपत्ति की देखभाल कर रहे सोलन निवासी गोविंद राम ने याचिका में आरोप लगाया था कि अनिरुद्ध विजय शंकर दास और राजेश त्रिपाठी निवासी गुरुग्राम (हरियाणा) ने रुश्दी की संपत्ति पर अपना हक जताया है।
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दोनों ने संपत्ति को लेकर रुश्दी की अटार्नी धारक की विशेष शक्ति निहित होने की बात कही है। वहीं, याचिकाकर्ता का आरोप है कि वह संपत्ति की वर्ष 1997 से देखभाल कर रहा है और अब उसे जबरदस्ती बाहर निकाला जा रहा है। इस संपत्ति पर पहले राजस्व विभाग का कब्जा था। रुश्दी के कानूनी लड़ाई लड़ने के बाद विभाग ने इस संपत्ति को उनके हवाले किया था। हरियाणा के दोनों लोगों की ओर से अदालत को बताया गया कि रुश्दी ने इस संपत्ति की देखभाल के लिए अधिवक्ता विजय शंकर दास को अटार्नी धारक बनाया था।
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उन्होंने याचिकाकर्ता को इस संपत्ति की देखभाल के लिए तैनात किया था। अटार्नी धारक विजय शंकर दास की 10 वर्ष पूर्व मौत हो गई है। ऐसे में इस संपत्ति का कोई भी अटार्नी धारक नहीं है। बिना ठोस सबूत के याचिकाकर्ता इस संपत्ति को किसी अनजान लोगों के हाथ में नहीं दे सकता। ज्ञात रहे कि रुश्दी एक ब्रिटिश भारतीय उपन्यासकार और निबंधकार हैं। उन्होंने अपने दूसरे उपन्यास मिडनाइट्स चिल्ड्रन (1981) से प्रसिद्धि प्राप्त की, जिसे 1981 में बुकर पुरस्कार मिला। उनका एक उपन्यास विवादों में रहा था। इस उपन्यास का कई देशों में विरोध हुआ। रुश्दी को हत्या की धमकियां भी मिलीं। इसी साल अगस्त में रुश्दी पर पश्चिमी न्यूयार्क में एक साहित्यिक कार्यक्रम के दौरान मंच पर जानलेवा हमला किया गया था।
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