कुश्ती के साथ अब ये काम भी करेंगे योगेश्वर दत्त
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कुश्ती खेल में भारत को गोल्ड मेडल जिताकर राजीव गांधी खेल रत्न और अर्जुन अवार्ड से सम्मानित कुश्ती खिलाड़ी योगेश्वर दत्त अब पहाड़ में पहलवानों को तराशने का काम करेंगे। इसके लिए उन्होंने मंडी जिले को चुना है।
रविवार को भारतीय खेल प्राधिकरण छात्रावास धर्मशाला में खिलाड़ियों को टिप्स देने आए योगेश्वर ने कहा कि वह गोहाणा (हरियाणा) में कुश्ती अकादमी खोलेंगे। इसकी एक ब्रांच मंडी में खोली जाएगी। इसमें पहलवानों को भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाएगा।
हरियाणा में कुश्ती अकादमी खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शीघ्र इसका संचालन शुरू कर दिया जाएगा। योगेश्वर ने कहा कि हरियाणा में खिलाड़ियों को सरकार सम्मान देती है। यही कारण है कि हरियाणा से अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकल रहे हैं।
खेल नीति बनाकर निकलेंगे अच्छे खिलाड़ी
इसके अलावा वहां के लोग भी खेल के साथ दिल से जुड़े हैं। अन्य राज्यों की सरकारों को भी चाहिए कि वह एक खेल नीति बनाकर खिलाड़ियों को सम्मान दें। योगेश्वर दत्त ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2014 और एशियन गेम्स में 28 साल बाद भारत को गोल्ड जिताया।
सितंबर में यूएसए में होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप की तैयारी कर रहे हैं। इसमें भारत को गोल्ड जिताना उनका अगला लक्ष्य है। साई हॉस्टल धर्मशाला में खिलाड़ियों को टिप्स देने पहुंचे योगेश्वर दत्त के साथ साई की उत्तरी क्षेत्र केंद्र निदेशक प्रभारी ललिता शर्मा और भारतीय कुश्ती टीम मेंटर हरीश शर्मा मौजूद रहे।
मेडल जीतना ही रखें लक्ष्य : दत्त
साई छात्रावास धर्मशाला में आए अर्जुन अवार्डी योगेश्वर दत्त ने खिलाड़ियों को कहा कि उनका प्रेम केवल मात्र खेल के साथ होना चाहिए। खिलाड़ियों का लक्ष्य केवल मेडल जीतना होना चाहिए। बाकी चीजें बाद में खुद ही मिल जाती हैं।