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दोहते की मौत के बाद शुरू किए पेड़-फूल लगाना, हराभरा कर दिया शहर

Wed, 05 Jun 2019 02:12 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Wed, 05 Jun 2019 02:12 PM IST
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world environment day onkar sharma planted 3500 saplings in una himachal pradesh
- फोटो : सांकेतिक तस्वीर

सूबे के सबसे गर्म जिले ऊना में हरियाली और सुंदरता बढ़ाने का जिम्मा प्रशासन के बजाय बैंक मैनेजर के पद पर सेवानिवृत्त हुए ओंकार शर्मा ने अपने कंधों पर ले लिया है। दोहते की मौत के बाद उन्होंने खुद को पौधरोपण और फूल लगाने से जोड़ लिया।

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ओंकार शर्मा चार वर्षों में 3500 से ज्यादा पौधे रोप चुके हैं। उन्होंने ऊना शहर की सड़कों पर फूल भी रोपे हैं ताकि हर कोई शहर की तारीफ करे। खास बात यह है कि पेड़-पौधे लगाने के बाद ओंकार उन्हें मौसम के हवाले नहीं करते बल्कि रोजाना उनकी देखभाल करते हैं। वे खुद उनकी निराई, खाद डालने के अलावा पानी देते रहते हैं। 
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रिटायर अधिकारी शहर ऊना में ही करीब 1500 तक चाइना कनेर फूलों व अन्य पेड़ों के पौधों का रोपण कर चुके हैं। इसके साथ झलेड़ा से लेकर स्वां पुल तक सड़क के दोनों तरफ 300 से अधिक डेक पेड़ों को लगा चुके हैं। जो अब ठंडी छाया दे रहे हैं। इसके साथ खुरवाईं के पास गोशाला के किनारे 40 विभिन्न प्रकार के पेड़ लगाए हैं। धार्मिक स्थलों पर भी वे पौधे रोप चुके हैं।
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ओंकार शर्मा ऊना में हमीरपुर रोड, रेलवे लाइन, चंडीगढ़ रोड, माउंट कार्मल स्कूल और पठानकोट रोड पर झलेड़ा तक सैकड़ों पेड़ लगा चुके हैं। ओंकार शर्मा ने बताया कि वे सहारनपुर से पौधे मंगवाते है। इसके लिए उनकी हर माह आधे से ज्यादा पेंशन इसमें खर्च हो जाती है। उन्होंने शहर ऊना के दुकानदारों से इन पौधों को पानी देने के लिए आह्वान किया है और जिला वासियों से अपने हर जन्मदिन पर पौधरोपण करने के लिए अनुरोध किया है। 

विभाग खुद उजाड़ने में जुटा
ओंकार शर्मा ने बताया कि ऊना में जब कोई भी वीआईपी आता है तो उनके स्वागत के लिए लोक निर्माण विभाग सड़क की मिट्टी व कूड़ा कर्कट उठाकर पौधों के नीचे पानी डालने के लिए बनाए गड्ढों में डाल देता है। इससे पौधों को नुकसान होता है। इसके बाद उन्हें दोबारा से उस मिट्टी व कूड़े-कर्कट को गड्ढों से हटाना पड़ता है। उन्होंने कहा-दूसरों को नया जीवन देने वाले ये पौधे ही उनकी जिंदगी हैं।


प्रशासन ने नहीं, लोगों ने की मदद
इस कार्य के लिए प्रशासन की ओर से ओंकार शर्मा को कोई मदद नहीं मिली, लेकिन शहर ऊना के कई लोगों ने उनके इस कार्य में अपने हाथ आगे बढ़ाए हैं। इसमें मार्बल हाउस ऊना से इंद्रजीत सिंह, सेवानिवृत्त अध्यापक मदन सिंह ठाकुर, युवा पीढ़ी से करतार सिंह, मनप्रीत कौर, राजीव केडिया, गौतम केडिया, तरुण व कीर्ति भारद्वाज शामिल हैं।

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