फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   World Environment Day: Eco Village will be made in four villages of Himachal, 50 lakhs will be spent in five y

विश्व पर्यावरण दिवस: हिमाचल के चार गांव बनेंगे ईको विलेज, पांच वर्ष में खर्च होंगे 50 लाख

Mon, 05 Jun 2023 11:37 AM IST
Krishan Singh सोनम शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
सोनम शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर Published by: Krishan Singh Updated Mon, 05 Jun 2023 11:37 AM IST
सार

ईको विलेज योजना का उद्देश्य संसाधनों की कमी, बदलती जलवायु और संबंधित पर्यावरण चुनौतियों से निपटने के लिए एक कुशल गांव समुदाय का निर्माण करने और अपने कौशल और दक्षताओं को विकसित करने के तौर तरीकों को तैयार करना है। 

विज्ञापन
World Environment Day: Eco Village will be made in four villages of Himachal, 50 lakhs will be spent in five y
रोपा गांव में पौधरोपण करते युवक मंडल के सदस्य। - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में में इस वर्ष चार ईको गांव ईको विलेज के रूप में विकसित किए जाएंगे। इनमें जिला शिमला के चौपाल ब्लॉक का खंगना, ब्लॉक रोहड़ू की लोअर कोटी पंचायत का सिद्धरोटी, जिला ऊना के अंब ब्लॉक का गांव चपरोह और जिला हमीरपुर की नेरी पंचायत का बलेटा गांव शामिल हैं। इस योजना के तहत इन गांवों में पांच वर्षों तक करीब 50 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। पर्यावरण विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग इन गांवों के लिए चार-चार लाख का बजट जारी करता है। अन्य बजट अन्य योजनाओं के साथ कन्वरज कर खर्च किया जाता है।

विज्ञापन


ये गांव वर्ष 2022 में चयनित किए गए हैं। ईको विलेज योजना का उद्देश्य संसाधनों की कमी, बदलती जलवायु और संबंधित पर्यावरण चुनौतियों से निपटने के लिए एक कुशल गांव समुदाय का निर्माण करने और अपने कौशल और दक्षताओं को विकसित करने के तौर तरीकों को तैयार करना है। पर्यावरण संरक्षण और कूड़े का निष्पादन करने पर भी कार्य किया जाएगा। योजना का उद्देश्य संसाधनों की कमी, बदलती जलवायु और संबंधित पर्यावरण चुनौतियों से निपटने के लिए एक कुशल गांव समुदाय का निर्माण करने और अपने कौशल और दक्षताओं को विकसित करने के तरीके तैयार करना है। 
विज्ञापन


प्रदेश के 13 ईको विलेज का हुआ है विकास
प्रदेश में इससे पहले 13 ईको विलेज बनाए गए हैं। इनमें जिला मंडी के जंजैहली व गांव लेह, सिरमौर का देओथल, बघौली, किन्नौर से कमरू गांव, बिलासपुर से गांव टेपरा और कंदरौर, सोलन का महोग, कुल्लू का शलीन, कांगड़ा का विलेज कोरी, विलेज बीड, ऊना का चंगर, चंबा का ग्राम भंजरू, हमीरपुर के गांव लग मनवी को वर्ष 2020 में आदर्श ईको विलेज के तहत विकसित किया गया। योजना के तहत उन गांवों का चयन किया जाता है, जिनकी जनसंख्या 200 से अधिक होती है। उधर, पर्यावरण विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के निदेशक डीसी राणा, चीफ साइंटिफिक अफसर डॉ. सुरेश अत्री, हमीरपुर के नोडल अधिकारी डॉ. मनुम शर्मा ने कहा कि प्रदेश में ईको विलेज बनाए जा रहे हैं। विकास अधिकारी अभिनीत कात्यान ने कहा कि नेरी पंचायत के बलेटा गांव को मॉडल ईको विलेज योजना के तहत चयनित किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed