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पर्यावरण दिवस 2020: ऊना में सालों बाद मई महीने में हुई 48.06 मिमी बारिश
Fri, 05 Jun 2020 01:49 PM IST
अरविन्द ठाकुर
शशिभूषण पुरोहित, अमर उजाला नेटवर्क, ऊना
शशिभूषण पुरोहित, अमर उजाला नेटवर्क, ऊना
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 05 Jun 2020 01:49 PM IST
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फाइल फोटो
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लॉकडाउन ने पर्यावरण की तस्वीर बदल कर रख दी है। इसकी जीती जागती मिसाल है जिला ऊना में मई माह में हुई सिलसिलेवार बारिश। दरअसल मई और जून माह में 45 डिग्री तक तापमान के लिए चर्चित प्रदेश के सीमांत जिले में बीते माह अधिकतम पारा भी 43.04 डिग्री तक ही पहुंच पाया।
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मौसम विभाग के आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो कई सालों के बाद ऊना में मई माह में 48.06 मिमी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विशेषज्ञ विनोद कुमार का कहना है कि कई वर्षों बाद ऐसा हुआ कि जिले में मई माह में भी बारिश हुई। जून के शुरूआत में अपेक्षानुरूप तापमान में बढ़ोतरी नहीं हो पाई है।
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इसकी वजह से जहां जिले का तापमान नियंत्रित रहा, वहीं खासकर ग्रामीण इलाकों में प्राकृतिक जलस्रोतों को भी संजीवनी मिली है। पर्यावरण के क्षेत्र में अरसे से काम कर रही सामाजिक संस्था कल्पवृक्ष फाउंडेशन की प्रतिनिधि अंजना ठाकुर का कहना है कि लॉकडाउन के चलते सड़कों पर वाहनों की आवाजाही कम होने से जंगली जानवर भी जंगल से बस्तियों की ओर उतरे हैं। खासकर इन दिनों पक्षियों की विलुप्त प्राय प्रजातियां भी देखने को मिल रही हैं।
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