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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Workers will no longer be referred to private hospitals, orders issued by the ministry

Solan News: कामगारों को अब नहीं किया जाएगा निजी अस्पतालों में रेफर, मंत्रालय ने जारी किए आदेश

Sun, 14 May 2023 11:13 AM IST
Krishan Singh ओमपाल सिंह, संवाद न्यूज एजेंसी, बद्दी (सोलन)
ओमपाल सिंह, संवाद न्यूज एजेंसी, बद्दी (सोलन) Published by: Krishan Singh Updated Sun, 14 May 2023 11:13 AM IST
सार

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने बीमार कामगारों को निजी अस्पतालों में रेफर न करने के आदेश जारी कर दिए हैं। आदेशों के तहत अब हजारों कामगारों और उनके आश्रितों को बीमारी के दौरान सरकारी चिकित्सा संस्थानों में ही उपचार के लिए रेफर किया जाएगा।
 

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Workers will no longer be referred to private hospitals, orders issued by the ministry
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कर्मचारी राज्य बीमा निगम के अस्पतालों में पंजीकृत मरीजों को अब गंभीर बीमारी होने पर भी निजी अस्पतालों में रेफर नहीं किया जाएगा। उन्हें सरकारी अस्पतालों में ही अपना इलाज करवाना पड़ेगा। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने बीमार कामगारों को निजी अस्पतालों में रेफर न करने के आदेश जारी कर दिए हैं। आदेशों के तहत अब हजारों कामगारों और उनके आश्रितों को बीमारी के दौरान सरकारी चिकित्सा संस्थानों में ही उपचार के लिए रेफर किया जाएगा। निगम के मुख्यालय की ओर से क्षेत्रीय कार्यालय बद्दी को पत्र जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि अब सरकारी संस्थानों में ही ईएसआई में पंजीकृत कामगारों को भेजा जाए।

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हालांकि, यदि प्रदेश के बड़े संस्थानों और पीजीआई में भी उस बीमार का इलाज नहीं होगा तो स्पेशल केस बनाकर निजी अस्पताल को भेज जा सकता है। इस पत्र के जारी होने के बाद अब मजदूर नेता इसका विरोध जाता रहे हैं। उधर, निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक संजीव कुमार का कहना है कि निजी अस्पतालों में मरीजों और उनके आश्रितों को रेफर न करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, यदि सरकारी अस्पतालों में संबंधित इलाज की सुविधा नहीं होगी तो अंतिम उपाय के तौर पर मरीज को निजी अस्पताल में रेफर किया जा सकेगा।
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इसलिए करते हैं रेफर
हिमाचल में निगम के अस्पताल प्रदेश के कम ही जिलों में हैं। यहां केवल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ही हैं, जहां पूरी सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं। ऐसे में अकसर चिकित्सक मरीज को बेहतर इलाज के लिए निजी अस्पताल में रेफर कर देते थे। यह वह अस्पताल होते थे, जिनका ईएसआई के साथ टाइअप होता था। इसके पैसे भी मरीज की जेब से नहीं जाते थे। इसमें पंजीकृत कामगार और उसके परिजनों को इलाज मिलता था, मगर अब यह सुविधा बंद कर दी गई है।
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विरोध में उतरे कर्मचारी नेता
भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश उद्योग प्रभारी मेला राम चंदेल ने कहा कि कई जगह पर निगम की पीएचसी तक नहीं हैं। ऐसे में यहां निजी अस्पतालों का ही सहारा रहता है। मंत्रालय के नए आदेशों से अब कामगारों को इलाज के लिए परेशान होना पड़ेगा। भारतीय मजदूर संघ के कानूनी सलाहकार देवव्रत यादव ने कहा कि प्रदेश में केवल बद्दी में ही ईएसआई अस्पताल है। यहां चिकित्सकों का अभाव है। इस अस्पताल में दवाएं भी नहीं हैं। यहां से दूसरे अस्पताल की दूरी करीब 25 किमी है। ऐसे में मरीज को इलाज के लिए वहां पर पहुंचना पड़ेगा।

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