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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Women's dominance will remain in Municipal Corporation Shimla Sadan this time also

MC Shimla Election: नगर निगम शिमला सदन में इस बार भी रहेगा महिलाओं का दबदबा

Sat, 08 Apr 2023 12:59 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sat, 08 Apr 2023 12:59 PM IST
सार

नगर निगम सदन में महिला पार्षदों के चुने जाने का नया रिकॉर्ड भी बन सकता है। बीते नगर निगम चुनाव में भी 20 महिला पार्षद चुनकर सदन में पहुंची थीं।

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Women's dominance will remain in Municipal Corporation Shimla Sadan this time also
नगर निगम शहर चुनाव। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नगर निगम शिमला को अगले माह नया सदन मिल जाएगा। इस बार भी सदन में महिलाओं का ही दबदबा रहने वाला है। शहर में कुल 34 वार्डों में से 17 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित रखे गए हैं। इसके अलावा कई अनारक्षित वार्डों में भी दोनों ही पार्टियां महिला दावेदारों को चुनाव मैदान में उतारने की तैयारी कर रही हैं। ऐसे में इस बार नगर निगम सदन में महिला पार्षदों के चुने जाने का नया रिकॉर्ड भी बन सकता है। बीते नगर निगम चुनाव में भी 20 महिला पार्षद चुनकर सदन में पहुंची थीं। सिर्फ 14 पुरुष पार्षद ही सदन में पहुंचे थे। आरक्षित वार्डों के अलावा तीन अनारक्षित वार्डों  से महिला प्रत्याशियों ने जीत हासिल की थी। संजौली से सत्या कौंडल, न्यू शिमला से कुसुमलता ठाकुर और रामबाजार वार्ड से सुषमा कुठियाला ने अनारक्षित सीट होने के बावजूद जीत हासिल की थी। इस तरह सदन में कुल 20 महिला पार्षद पहुंची थीं।

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अनारक्षित वार्डों में भी निवर्तमान महिला पार्षदों की दावेदारी
शहर में इस बार नया रोस्टर लागू हो रहा है। ऐसे में ज्यादातर निवर्तमान महिला पार्षदों के वार्ड इस बार अनारक्षित हो गए हैं। इन वार्डों से कई पुरुष दावेदार चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन निवर्तमान महिला पार्षदों की दावेदारी ने इनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। भाजपा के पास कई निवर्तमान महिला पार्षदों ने अनारक्षित वार्डों से टिकट के लिए दावा ठोका है। सर्वे में भी इनके नाम आगे चल रहे हैं। ऐसे में पार्टी के लिए इन्हें नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा। कांग्रेस के पास भी अनारक्षित वार्डों से महिला दावेदारों के नाम सामने आए हैं। अब देखना होगा कि आरक्षित सीटों के अलावा कुल कितनी अनारक्षित सीटों पर महिला दावेदार चुनाव मैदान में उतरती हैं।
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विधानसभा में सिर्फ एक महिला प्रतिनिधि
छोटे सदन यानि शिमला नगर निगम में जहां इस बार भी महिला पार्षदों का दबदबा रहने वाला है, वहीं बड़े सदन विधानसभा में सिर्फ एक ही महिला प्रतिनिधि चुनकर पहुंची है। पच्छाद से भाजपा के टिकट पर चुनाव जीती रीना कश्यप विधानसभा में इकलौती महिला विधायक हैं। महिलाओं के लिए यहां सीटें आरक्षित न होने के कारण हर बार इक्का दुक्का महिला विधायक ही चुनकर विधानसभा पहुंच पाती है। एमसी चुनाव में महिलाओं के लिए 50 फीसदी सीटें आरक्षित की जा रही हैं।
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अब 50 रुपये देकर बनाएं वोट, 9 अप्रैल तक है मौका
नगर निगम चुनाव की मतदाता सूची में आपका नाम नहीं है और किसी कारणवश नाम नहीं दर्ज करवा पाए हैं तो आपके पास नौ अप्रैल तक मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने का मौका है। इसमें आपको उपायुक्त कार्यालय में आधार कार्ड और एक फोटो साथ लाना होगा। 50 रुपये फीस देने के बाद दस्तावेजों को सत्यापित होने पर आप का नाम आपके वार्ड की मतदाता सूची में जोड़ दिया जाएगा।

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नगर निगम तय करेगा कहां पर लगेंगे प्रत्याशियों के पोस्टर 

 शहर में नगर निगम चुनाव के लिए लगने वाले राजनीतिक दलों के पोस्टर और बैनर चिह्नत स्थानों पर ही लगाए जा सकेंगे। नगर निगम की ओर से चिह्नत किए गए स्थानों पर ही प्रचार के लिए पोस्टर और बैनर लगाने की अनुमति होगी। सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर लगाने पर पाबंदी रहेगी। इसके अलावा मनमर्जी से सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर और बैनर चिपकाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।  नगर निगम चुनाव को लेकर राज्य चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवारों को मजिस्ट्रेट से अतिक्रमण और देनदारियां न होने का शपथ-पत्र सत्यापित करना होगा। प्रत्याशी को पार्टी के चुनाव चिह्न पर लड़ने के लिए संबंधित पार्टी की तरफ से जारी स्वीकृति पत्र पेश करना होगा।

 पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की
नगर निगम चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के चुनावी खर्च की निगरानी के लिए चुनाव व्यय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है।  निर्वाचन व्यय प्रेक्षक प्रचार अवधि के दौरान हर अभ्यर्थी के व्यय रजिस्टर का कम से कम दो बार निरीक्षण करेगा। बाद में उपरोक्त निरीक्षण की रिपोर्ट रिटर्निंग अधिकारी सह आयुक्त को भेजेंगे। चुनाव के मद्देनजर 9 अप्रैल से पहले शहर से सरकारी योजनाओं से संबंधित पोस्टर हटाने के भी राज्य चुनाव आयोग ने निर्देश जारी किए हैं। गौरतलब है कि चुनाव के दौरान प्रत्याशी 1 लाख रुपये तक प्रचार पर खर्च कर सकेंगे। इससे अधिक व्यय करने पर प्रत्याशी की सदस्यता रद्द किए जाने का प्रावधान है। 

वार्डों को पांच भागों में बांटा
 प्रत्याशियों के चुनावी खर्च के लिए शहर के 34 वार्डों को पांच भागों में बांटा है। इसके लिए पांच व्यय पर्यवेक्षक लगाए हैं। इसमें 1 से 7 वार्ड के लिए प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय के संयुक्त नियंत्रक मस्त राम को व्यय पर्यवेक्षक लगाया है।   इसी तरह 8 से 14 वार्ड के लिए एड्स सोसायटी के उप नियंत्रक हमेंद्र कुमार, 15 से 21 वार्ड में हिप्पा से उपनियंत्रक दिवाकर शर्मा, 22 से 28 वार्ड में स्वास्थ्य विभाग से उप नियंत्रक अजय कुमार वर्मा और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से उप नियंत्रक हर्ष ठाकुर को 29 से 34 वार्डों के लिए व्यय प्रक्षेक के रूप में नियुक्त किया है।

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