शिमला में स्क्रब टायफस से महिला की मौत, अब तक छह ने तोड़ा दम
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स्क्रब टायफस से एक और मौत हो गई है। रोहड़ू की महिला ने आईजीएमसी में दम तोड़ दिया। अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक महिला को गंभीर स्थिति में उपचार के लिए लाया गया था। महिला ने मेडिसन वार्ड में दम तोड़ दिया।
आईजीएमसी के मीडिया प्रवक्ता डॉ. बृज शर्मा ने मौत की पुष्टि की है। रोहड़ू की रहने वाली सुनीता को बीते दिनों उपचार के लिए अस्पताल लाया गया था। बीमारी की वजह से इसे मल्टी आर्गन फेलियर भी हो गया था।
डॉक्टरों के मुताबिक जब महिला बीमारी के संपर्क में आई थी तो इसे जरूरी दवाएं भी नहीं मिल पाई थी। जब बीमारी बढ़ी तो इसे उपचार के लिए आईजीएमसी लाया गया।
इस बीच महिला का स्क्रब टेस्ट भी करवाया। टेस्ट की रिपोर्ट पॉजिटिव आई और इलाज के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया। अस्पताल में इस बीमारी से मरने वालों की संख्या अब छह पहुंच गई है।
सिर और जोड़ों में लगता है दर्द
बरसात के मौसम में घास में पनपने वाले पिस्सू के काटने से यह रोग फैलता है। इसके कारण मरीज को सिरदर्द, बुखार के साथ जोड़ों में दर्द, शरीर में दर्द, कंपकंपी और शरीर पर लाल दाने, शरीर का थका होना जैसी समस्या होती है। ऐसे लक्षण होने पर मरीज को तुरंत चिकित्सकों के पास उपचार करवाने आना चाहिए।
ऐसे करें बचाव
बरसात के दिनों में घर के आसपास घास और झाड़ियां न उगने दें। घर के इर्द-गिर्द साफ सफाई का ध्यान रखें। इसके अलावा खेतों में काम करने के दौरान पैर और बाजूओं को अच्छे से ढककर रखना चाहिए। पार्क में टहलते हुए या पेड़ पौधों के बीच जाने से पहले पूरी बाजू के कपड़े पहने। दो दिन से अधिक बुखार हो तो तुरंत उपचार करवाना चाहिए। इसके अलावा रक्त की जांच भी मरीजों को करवानी चाहिए।