वन्य जीवन हिमाचल: पौंग झील में पहुंचे 84 प्रजातियों के 84766 से ज्यादा पक्षी
वन्य प्राणी विभाग हमीरपुर के डीएफओ राहुल रोहाणे ने बताया कि पिछले साल एकाएक पक्षियों में बर्ड फ्लू के कारण 5000 पक्षियों की मौत हो गई थी। इसलिए इस साल इन पक्षियों की देखरेख और गणना को लेकर वन्य जीव अभ्यारण्य विभाग ने 15 टीमों का गठन किया है।
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पूरे विश्व से पौंग झील में पहुंचने वाले परिंदों से झील में रौनक हो गई है। नए साल पर ग्रेटर व्हाइट फ्रंटेड गूज और लेसर व्हाइट फ्रंटेड गूज प्रजाति के एक-एक पक्षी ने भी पौंग झील में दस्तक दी है। तीन से चार वर्ष से यूरोप से आने वाली इस पक्षी की प्रजाति के एक-दो पक्षी मेहमान बनकर पौंग झील में जरूर दस्तक देते हैं। ग्रेटर व्हाइट फ्रंटेड गूज लंबाई में 64-81 सेंटीमीटर (25-32 इंच) होता है। उसके 130-165 सेंटीमीटर (51-65 इंच) पंख हैं और वजन 1.93-3.31 किलोग्राम होता है। इसके चमकीले नारंगी पैर और चूहे के रंग के ऊपरी पंख होते हैं। लेसर व्हाइट फ्रंटेड गूज कम से कम 53-66 सेमी (21-26 इंच) लंबा होता है। इसके 120-135 सेमी (47-53 इंच) पंखों के साथ चमकीले नारंगी पैरों और उनके पास चूहे के रंग के पंख होते हैं। एक जनवरी को वन्य प्राणी विभाग की गणना के अनुसार पौंग झील में 84 प्रजातियों के 84766 पक्षियों ने डेरा जमाया है।
इनमें बार हेडे्ड गूज प्रजाति के 39976 पक्षी, कामन कूट 14217, नारदन पिनटेल 6017, कामन टील 6017, कामन पाचर्ड के 3768 पक्षी झील में पहुंचे हैं। ब्लैक विंगड स्ट्लीट के 450, लिटिल कारमोरेंट 3244, रुडी शेल्डक 1719, गैडवाल 941, स्पॉट बिलिड डक 909, ऑरेशियन विजयान 631, बारन शवैलो 436 पक्षियों ने डेरा जमाया है। नॉर्थन शावेलर के 534, कामन मूरहन 340, ब्लैक हेडेड गल 452, ब्लैक विंगड स्टीलट 371 पक्षी झील में पहुंचे हैं। पर्पल मूरहन के 330, रिवर टर्न के 310, ग्रेट कोरमोरेंट 521 और लिटिल रिंगड पलोवड़ प्रजाति के 301 पक्षी झील में अस्थायी आवास बनाए हुए हैं।
पक्षियों की सुरक्षा के लिए विभाग ने किया 15 टीमों का गठन: राहुल
वन्य प्राणी विभाग हमीरपुर के डीएफओ राहुल रोहाणे ने बताया कि पिछले साल एकाएक पक्षियों में बर्ड फ्लू के कारण 5000 पक्षियों की मौत हो गई थी। इसलिए इस साल इन पक्षियों की देखरेख और गणना को लेकर वन्य जीव अभ्यारण्य विभाग ने 15 टीमों का गठन किया है।