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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   wildlife, bears caught on camera near residential areas

wildlife: हिमाचल में रिहायशी क्षेत्रों के पास कैमरे में कैद हुए 11 भालू

Sun, 18 Sep 2022 04:38 PM IST
Krishan Singh दिनेश जस्पा, संवाद न्यूज एजेंसी, उदयपुर (लाहौल- स्पीति)
दिनेश जस्पा, संवाद न्यूज एजेंसी, उदयपुर (लाहौल- स्पीति) Published by: Krishan Singh Updated Sun, 18 Sep 2022 04:38 PM IST
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सार
लाहौल में शिकार न होने से वन्यजीव बेखौफ रिहायशी क्षेत्रों में घूमते देखे जा सकते हैं। शोधार्थी ने नौ दिन में 11 भालुओं को अपने कैमरे में कैद किया है।
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wildlife, bears caught on camera near residential areas
कैमरे में कैद किए भालू - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के लाहौल में शिकार न होने से वन्यजीव बेखौफ रिहायशी क्षेत्रों में घूमते देखे जा सकते हैं। शोधार्थी ने नौ दिन में 11 भालुओं को अपने कैमरे में कैद किया है। 30 अगस्त को शोधार्थी अमीर जस्पा ने अपने गांव जसरथ के साथ लगती पहाड़ी पर ट्रैप कैमरा लगा रखा था, जब वह सात सितंबर को कैमरा देखने गया तो देखा सबसे पहले मादा भालू के साथ दो शावक, उसके बाद एक नर भालू कैद हुए। दूसरे दिन मादा भालू के साथ दो शावक, तीसरे दिन एक नर भालू और फिर अंत में मादा भालू के साथ दो शावक उसके कैमरे में कैद हुए हैं। इन दिनों खासकर जोबरंग, रापे, राशेल, लिंगर, जसरथ और नालडा गांव के लोग भालुओं के आतंक से परेशान हैं, जो सेब की फसल के साथ टहनियों को तोड़-फोड़ कर नुकसान पहुंचा रहे हैं। जोबरंग पंचायत के लोग रात भर बगीचों की रखवाली के लिए पहरा दे रहे हैं।





लाहौल घाटी में वन्यजीवों और पक्षियों पर शोध कर रहे अमीर जस्पा वन्य जीव-जंतुओं की खोज में काफी संघर्षरत हैं। लोक निर्माण विभाग में सेवारत जसरथ गांव के अमीर ने 30 अगस्त से सात सितंबर के बीच 11 भालुओं को अपने गांव के समीप लगाए ट्रैप कैमरे में कैद किया है। अमीर अभी तक हिमालयन थार, आईबैक्स, हिमालयन घोरल, बर्फानी तेंदुआ, काला एवं भूरा भालू के साथ 100 अधिक विभिन्न प्रजाति के पक्षियों को अपने कैमरे में कैद कर चुके हैं। शोधार्थी अमीर जस्पा ने लोगों से वन्यजीवों के साथ छेड़छाड़ न करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अब सर्दी दस्तक दे रही है, ऐसे में नवंबर, दिसंबर में पहाड़ों में बहते झरने जम जाते हैं और वन्य जीव-जंतु प्यास बुझाने के लिए रिहायशी इलाकों का रुख करते हैं। उधर, वनमंडलाधिकारी लाहौल दिनेश शर्मा ने कहा कि लाहौल में दशकों पहले से शिकार का कोई भी मामला पुलिस व वन विभाग के पास नहीं है।

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