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Himachal: बेटी को सुविधा नहीं मिली तो आईआईटी मंडी के प्रोफेसर ने बना दिया सस्ता और पोर्टेबल निकू

Tue, 03 Dec 2024 12:32 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी Published by: Krishan Singh Updated Tue, 03 Dec 2024 12:32 PM IST
सार

 सहायक प्रोफेसर डाॅ. गजेंद्र सिंह की मेहनत से नवजात बच्चों को अब सस्ता और पोर्टेबल एनआईसीयू उपलब्ध होंगे। डाॅ. गजेंद्र सिंह वर्ष 2023 में पिता बने और उनकी नवजात बेटी को इंफेक्शन हो गया।

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When daughter did not get the facility, IIT Mandi professor made a cheap and portable NICU Infant Incubator
आईआईटी मंडी के प्रोफेसर ने बना दिया सस्ता और पोर्टेबल निकू - फोटो : संवाद

विस्तार

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी के एक सहायक प्रोफेसर ने नवजात बच्चों और उनके अभिभावकों की पीड़ा को समझते हुए सस्ता व आधुनिक सुविधाओं से लैस पोर्टेबल नवजात शिशु इनक्यूबेटर यानी नवजात शिशु गहन देखभाल इकाई (एनआईसीयू) बना डाला। सहायक प्रोफेसर डाॅ. गजेंद्र सिंह की मेहनत से नवजात बच्चों को अब सस्ता और पोर्टेबल एनआईसीयू उपलब्ध होंगे। डाॅ. गजेंद्र सिंह वर्ष 2023 में पिता बने और उनकी नवजात बेटी को इंफेक्शन हो गया। स्थानीय स्तर पर उन्हें पोर्टेबल नवजात शिशु इनक्यूबेटर उपलब्ध नहीं हो पाया। ऐसे में उन्हें चंडीगढ़ से यह सुविधा एंबुलेंस के माध्यम से मंगवानी पड़ी। इसके लिए करीब 12 से 14 घंटे इंतजार करना पड़ा। इस पीड़ा को समझते हुए उन्होंने पोर्टेबल नवजात शिशु इनक्यूबेटर बनाने की सोची।
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यहीं से इस उपकरण की बनाने की शुरुआत हुई। मात्र एक साल में डिजाइन प्रेक्टिकम से मॉडल अब यह स्टार्टअप तक पहुंच गया है। इस उपकरण को तैयार करने के लिए एक कंपनी भी आगे आई है। आने वाले एक या दो साल में यह बिक्री के लिए बाजार में उपलब्ध होगा। यह उपकरण बेस मॉडल तीन लाख रुपये से लेकर सभी सुविधाओं से लैस उपकरण करीब आठ लाख रुपये में बाजार में उपलब्ध होगा। इससे पहले यह उपकरण कई गुना अधिक कीमत में उपलब्ध था। इस पूरे प्रोजेक्ट में आईआईटी मंडी के स्कूल ऑफ मेकेनिकल एंड मटीरियल इंजीनियरिंग के सहायक प्रोफेसर डाॅ. गजेंद्र सिंह, एसोसिएट प्रोफेसर डाॅ. सत्वशील पोवार, प्रशिक्षु केशव वर्मा, वत्सल, धीरज और बादल ने काम किया है।
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एनआईसीयू में ये हैं सुविधाएं
एनआईसीयू में कई तरह की आधुनिक सुविधाएं हैं। इस उपकरण में रखे गए नवजात बच्चे को देश-दुनिया के किसी भी कोने पर बैठे विशेषज्ञ स्मार्ट तरीके से देख पाएंगे। इसके लिए बाकायदा एक कैमरा लगा हुआ है। इसके जरिये डॉक्टर बच्चे की निगरानी कर सकते हैं। एप के जरिये यह सब संभव होगा। ऑक्सीजन सिलिंडर के साथ बैटरी भी है। इस बैटरी के सहारे उपकरण में रखे बच्चे को मंडी से चंडीगढ़ तक पहुंचाया जा सकता है। इसमें वॉर्मर और इनक्यूबेटर दोनों सुविधाएं उपलब्ध हैं। इस उपकरण में पीलिया से निपटने के लिए फोटोथेरेपी किट लगी हुई है। ऐसे में एक साथ कई तरह की सुविधाएं इसमें हैं।

दुर्गम क्षेत्राें में सुविधाजनक होगा पोर्टेबल निकू
हिमाचल के दुर्गम के क्षेत्रों में यह पोर्टेबल निकू (एनआईसीयू) बेहद लाभदायक साबित होगा। दुर्गम क्षेत्र में परिवहन समेत स्वास्थ्य सुविधा की दिक्कत रहती है। ऐसे में इस पोर्टेबल निकू को आसानी से पहुंचाया जा सकता है। इसमें उपलब्ध सुविधाओं से डॉक्टर भी ऑनलाइन जुड़ सकते हैं। इस तरह घर द्वार सुविधा मिल सकती है।

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