अरे वाह! कैंसर का खात्मा करेंगी खास किस्म की गेहूं की कोपलें
कैंसर के मरीजों के लिए एक अच्छी खबर है। सिरमौर के इंटरनल विश्वविद्यालय बडू़ साहिब में गेहूं की खास प्रजाति विकसित की गई है, जिसकी कोपलों से निर्मित पाउडर कैंसर जैसी बीमारियों से लड़ने में मददगार होगा। कई वर्षों से इंटरनल विश्वविद्यालय, आईआईटी रुड़की और कनाडा की जेवीईओ कंपनी इस प्रजाति को विकसित करने पर संयुक्त रूप से काम कर रहे थे।
शोधकर्ताओं के मुताबिक विशेष प्रजाति के गेहूं की कोपलों को पीसकर पहले जूस तैयार किया जाता है। इसके बाद जूस से पाउडर बनाया जाता है। पाउडर को पानी में घोलकर या दवाई के रूप में उपयोग किया जा सकता है।
इस पाउडर को पूरे साल इस्तेमाल किया जा सकता है। वैज्ञानिकों ने बताया कि इस गेहूं में दोगुना से ज्यादा आयरन, जिंक और विटामिन पाए जाते हैं। पाउडर में कैंसर जैसी बीमारियों से लड़ने की क्षमता है।
हैदराबाद से मंगाई लाइफोलाइजर मशीन
गेहूं की कोपलों के जूस से पाउडर बनाने के लिए इंटरनल विश्वविद्यालय में एक प्लांट लगाया गया है। इसके लिए हैदराबाद से 40 लाख रुपये में लाइफोलाइजर मशीन मंगाई गई है। पाउडर को कनाडा और अमेरिका के लिए भी निर्यात किया जाएगा। मशीन की खासियत है कि इससे पाउडर बनाने में गेहूं के पोषक तत्व खत्म नहीं होते।
वर्षों से इस गेहूं पर अनुसंधान चल रहा था। गेहूं की इस किस्म में सामान्य प्रजाति की अपेक्षा दो गुना से ज्यादा आयरन और जिंक है। विटामिन ए, बी, सी व ई के साथ-साथ कैल्शियम, मैग्नीशियम और अमीनो एसिड भी है। यह कैंसर के अलावा कुपोषण और डायबिटीज जैसी बीमारियों से लड़ने में सहायक है। -एचएस धालीवाल (वाइस चांसलर, इटरनल यूनिवर्सिटी)