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जल संकट की भेंट चढ़ने लगा समर टूरिस्ट सीजन
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2018 की तरह सीजन होने लगा प्रभावित
निजी टैंकरों का बंदोबस्त करना हो रहा मुश्किल
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हम आपके यहां कमरा बुक करवाना चाहते हैं, लेकिन होटल में पानी तो मिलेगा ना? इन दिनों सैलानी शहर के होटलों में एडवांस बुकिंग से पहले पानी को लेकर पूछताछ कर रहे हैं।
शहर के पर्यटन कारोबारियों को 2018 की तरह इस साल का समर टूरिस्ट सीजन भी जल संकट की भेंट चढ़ने का डर सता रहा है। होटल कारोबारियों को निजी टैंकरों का बंदोबस्त करना मुश्किल हो रहा है। पानी की किल्लत कब खत्म होगी इसे लेकर न तो नगर निगम कुछ बोलने को तैयार है न ही पेयजल कंपनी के अधिकारी कुछ बता रहे हैं ऐसे में ट्रेवल एजेंट्स और होटल कारोबारी एडवांस बुकिंग लेने को लेकर पशोपेश की स्थिति में है।
टूरिज्म इंडस्ट्री स्टेक होल्डर्स एसोसिएशन के मुख्य सलाहकार गोपाल अग्रवाल ने कहा कि पानी की किल्लत से होटल कारोबारियों को सबसे अधिक दिक्कत पेश आ रही है। शिमला पेयजल कंपनी पानी उपलब्ध करवाने में विफल साबित हो रही है। टूरिज्म इंडस्ट्री स्टेक होल्डर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहिंद्र सेठ ने कहा कि होटल कारोबारियों के लिए होटल चलाना घाटे का सौदा बन गया है।
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कमाई पानी खरीदने पर खर्च करनी पड़ रही है। सैलानियों को पानी की समस्या पेश न आए इसके लिए अपने मुनाफे की परवाह किए बिना होटल संचालक अपने गेस्ट को पानी उपलब्ध करवा रहे हैं। ट्रेवल एजेंट्स एसोसिएशन शिमला के अध्यक्ष नवीन पॉल ने कहा कि मौजूदा नगर निगम ने शहर को 24 घंटे पानी उपलब्ध करवाने का वादा किया था लेकिन 2018 में पानी की किल्लत के कारण समर सीजन बरबाद हुआ। 2019 में सीजन लगा और 2020 और 2021 में कोरोना की भेंट चढ़ गया। इस साल फिर से पानी की किल्लत से सीजन पिटने की परिस्थितियां बन रही है। होटलों में बुकिंग से पहले टूरिस्ट पानी है या नहीं इसे लेकर पूछताछ कर रहे हैं।
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निजी टैंकरों का बंदोबस्त करना हो रहा मुश्किल
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हम आपके यहां कमरा बुक करवाना चाहते हैं, लेकिन होटल में पानी तो मिलेगा ना? इन दिनों सैलानी शहर के होटलों में एडवांस बुकिंग से पहले पानी को लेकर पूछताछ कर रहे हैं।
शहर के पर्यटन कारोबारियों को 2018 की तरह इस साल का समर टूरिस्ट सीजन भी जल संकट की भेंट चढ़ने का डर सता रहा है। होटल कारोबारियों को निजी टैंकरों का बंदोबस्त करना मुश्किल हो रहा है। पानी की किल्लत कब खत्म होगी इसे लेकर न तो नगर निगम कुछ बोलने को तैयार है न ही पेयजल कंपनी के अधिकारी कुछ बता रहे हैं ऐसे में ट्रेवल एजेंट्स और होटल कारोबारी एडवांस बुकिंग लेने को लेकर पशोपेश की स्थिति में है।
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टूरिज्म इंडस्ट्री स्टेक होल्डर्स एसोसिएशन के मुख्य सलाहकार गोपाल अग्रवाल ने कहा कि पानी की किल्लत से होटल कारोबारियों को सबसे अधिक दिक्कत पेश आ रही है। शिमला पेयजल कंपनी पानी उपलब्ध करवाने में विफल साबित हो रही है। टूरिज्म इंडस्ट्री स्टेक होल्डर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहिंद्र सेठ ने कहा कि होटल कारोबारियों के लिए होटल चलाना घाटे का सौदा बन गया है।
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कमाई पानी खरीदने पर खर्च करनी पड़ रही है। सैलानियों को पानी की समस्या पेश न आए इसके लिए अपने मुनाफे की परवाह किए बिना होटल संचालक अपने गेस्ट को पानी उपलब्ध करवा रहे हैं। ट्रेवल एजेंट्स एसोसिएशन शिमला के अध्यक्ष नवीन पॉल ने कहा कि मौजूदा नगर निगम ने शहर को 24 घंटे पानी उपलब्ध करवाने का वादा किया था लेकिन 2018 में पानी की किल्लत के कारण समर सीजन बरबाद हुआ। 2019 में सीजन लगा और 2020 और 2021 में कोरोना की भेंट चढ़ गया। इस साल फिर से पानी की किल्लत से सीजन पिटने की परिस्थितियां बन रही है। होटलों में बुकिंग से पहले टूरिस्ट पानी है या नहीं इसे लेकर पूछताछ कर रहे हैं।