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Water Supply Scam: आपस में मेल नहीं खा रहे ठेकेदारों, जल शक्ति विभाग अधिकारियों के बयान, जानें पूरा मामला

Mon, 13 Jan 2025 10:32 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Mon, 13 Jan 2025 10:32 AM IST
सार

शिमला जिले के ठियोग में टैंकरों से पानी की आपूर्ति में करोड़ों रुपये के कथित गड़बड़झाले में चल रही विजिलेंस जांच में बड़ी अनियमितताएं सामने आ रही हैं।

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Water Supply Scam: Statements of contractors and water power department officials are not matching
ठियोग पेयजल घोटाला। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के ठियोग में टैंकरों से पानी की आपूर्ति में करोड़ों रुपये के कथित गड़बड़झाले में चल रही विजिलेंस जांच में बड़ी अनियमितताएं सामने आ रही हैं। विजिलेंस पूछताछ में ठेकेदारों और जल शक्ति विभाग के अधिकारियों के बयान आपस में मेल नहीं खा रहे। जब्त किए गए रिकाॅर्ड के आधार पर अधिकारियों, ठेकेदारों और स्थानीय लोगों से पूछताछ कर रही है। रविवार को भी विजिलेंस की एक टीम ठियोग में डटी रही और स्थानीय लोगों के बयान दर्ज किए गए। टैंकरों से पानी की आपूर्ति में किए गए घोटाले में जल शक्ति विभाग के अधिकारियों और ठेकेदारों की दिक्कतें बढ़ सकती हैं। मामले की जांच में विजिलेंस को अनियमितताओं से जुड़े कई साक्ष्य मिले हैं।

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व्यापक स्तर पर गड़बड़ी हुई
विजिलेंस सूत्रों के अनुसार ठेकेदार और जल शक्ति विभाग के अधिकारी अलग-अलग बयान दे रहे हैं। इससे लग रहा है कि व्यापक स्तर पर गड़बड़ी हुई है। विजिलेंस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। अधिकारियों और ठेकेदारों के बयानों का जब्त किए गए रिकाॅर्ड के साथ मिलान किया जा रहा है। विजिलेंस की एक टीम ने ठियोग के रहीघाट, देवरीघाट, भेखलटी और साथ लगने स्थानों पर स्थानीय लोगों के बयान दर्ज किए। स्थानीय लोगों से पूछा गया कि गर्मियाें में जल संकट के समय टैंकरों से कितने दिन बाद पानी की आपूर्ति दी जाती थी। एक परिवार को लगभग कितना पानी दिया जाता था। टैंकर के साथ ठेकेदार के कर्मियों के अलावा क्या जल शक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता साथ होते थे या नहीं। इस मामले में विजिलेंस जल शक्ति विभाग के निलंबित अधिकारियों के साथ ही ठेकेदारों, टैंकर चालकों व मालिकों के बयान पहले ही दर्ज कर चुकी है।

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यह है मामला
ठियोग में पिछले साल गर्मियों के मौसम में पानी की आपूर्ति के नाम पर करोड़ों का घोटाला हुआ है। टैंकरों से पानी की आपूर्ति के लिए ठेकेदार को एक करोड़ से अधिक रुपये का भुगतान किया गया। आरटीआई से ली गई जानकारी में पानी की ढुलाई के लिए इस्तेमाल किए गए वाहनों में स्कूटी और आल्टो कार के नंबर भी सामने आए। कई ऐसे स्थानों पर भी टेंडरों से पानी की आपूर्ति दिखाई गई, जहां सड़क ही नहीं है।

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