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Shimla News: स्नोडन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का दिसंबर का सैंपल भी फेल

Thu, 30 Jan 2025 11:55 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 30 Jan 2025 11:55 PM IST
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water sample failwater sample fail
शिमला। राजधानी शिमला के स्नोडन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का दिसंबर का सैंपल भी प्रदूषण मानकों पर खरा नहीं उतरा है। हिमाचल प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ताजा रिपोर्ट के अनुसार प्लांट से निकलने वाले पानी में सस्पेंडिड सॉलिड का स्तर 180 मिलीग्राम प्रति लीटर दर्ज किया गया, जो मान्य सीमा 100 मिलीग्राम प्रति लीटर से अधिक है। बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड भी बढ़कर 157.5 मिलीग्राम प्रति लीटर दर्ज की गई है, जबकि मानक सीमा 30 मिलीग्राम प्रति लीटर होनी चाहिए। छोड़े जा रहे पानी में तय मानकों से ज्यादा बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड है। केमिकल ऑक्सीजन डिमांड 352 मिलीग्राम प्रति लीटर मापी गई, जो तय सीमा 250 मिलीग्राम प्रति लीटर से अधिक है। इससे पहले भी स्नोडन प्लांट के सैंपल लगातार फेल होते रहे हैं। वर्ष 2024 में यह छठी बार है जब प्लांट का सैंपल फेल हुआ है। मार्च, मई, जून, जुलाई, सितंबर और नवंबर में भी पानी की गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरी थी।
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बरमू गांव के निवासियों ने प्लांट की लचर व्यवस्था पर नाराजगी जताई है। स्थानीय निवासी पुष्पेंद्र ने बताया कि प्लांट के खराब प्रबंधन के कारण इलाके में बदबू और मच्छरों की समस्या बढ़ती जा रही है। लोगों ने कई बार अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। आईजीएमसी और आसपास के क्षेत्रों से आने वाला सीवरेज स्नोडन प्लांट में उपचारित किया जाता है। इसमें दवाइयों और रसायनों के अवशेष भी होते हैं, लेकिन पर्याप्त ट्रीटमेंट किए बिना ही पानी को नाले में छोड़ा जा रहा है। इससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। कुछ किलोमीटर बाद इसी नाले के पानी का उपयोग पेयजल परियोजना के तहत गांवों को सप्लाई किया जाता है, जिससे जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।
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प्लांट की मरम्मत और नवीनीकरण के लिए वर्ष 2021 में टेंडर जारी किया गया था, लेकिन अब तक कार्य अधूरा पड़ा है। अधिकारियों का कहना है कि रेट्रोफिटिंग का काम जारी है, लेकिन स्थानीय लोग इस प्रक्रिया की धीमी गति से नाराज हैं।
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कोट
प्लांट की अपग्रेडेशन का काम किया जा रहा है। रेट्रोफिटिंग पूरी होने के बाद स्थिति में सुधार होगा और प्रदूषण नियंत्रण में आएगा।
-नवनीत डोगरा, कनिष्ठ अभियंता, पेयजल कंपनी
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