दो साल से एमसी बरत रहा इतनी बड़ी लापरवाही
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राजधानी शिमला के हजारों लोग सालभर पेयजल किल्लत झेलते हैं। गर्मियों और बरसात में यहां दिक्कत अधिक रहती है। सर्दियों में पाइपें जमने से लोग परेशान होते हैं। आलम यह है कि इन तमाम दिक्कतों के बावजूद नगर निगम की पाइपों से हर रोज हजारों लीटर पानी बर्बाद बहता है। इन्हें दुरुस्त करवाने तक की जहमत नहीं उठा जाती।
विकासनगर से ब्राकहास्ट जाने वाली सड़क के पास बने रेन शेल्टर के पीछे दो वर्षों से निगम की पाइप लीक हो रही है। सुबह-शाम पानी की सप्लाई के समय लीकेज होने से हजारों लीटर पानी व्यर्थ में बह रहा है। रेन शेल्टर भी पानी से भर जाता है। शेल्टर के सामने की जगह दलदल में तबदील हो गई है। लोग रेन शेल्टर में खड़े नहीं हो पाते। लंबे समय से हो रही पानी की लीकेज को ठीक करने की जहमत कोई नहीं उठा रहा।
पानी से भरा रहता है रेन शेल्टर
स्थानीय राजेश ठाकुर, गणेश और सुनील शर्मा ने कहा कि पानी की लीकेज दो सालों से हो रही है। रेन शेल्टर में पानी भरा रहने के चलते लोग यहां खड़े भी नहीं हो पाते। पानी बहने से बने दलदल में कई गाड़ियां भी फंस चुकी हैं। रात के समय कोई राहगीर इस दलदल में गिर कर चोटिल हो सकता है। नरेश शर्मा, रोहन ठाकुर, सुरेश का कहना है कि लंबे समय से पानी की लीकेज हो रही है।
रोजाना हजारा लीटर पानी व्यर्थ बहता रहता है। पानी बहने से रेन शेल्टर और सड़क दोनों को नुकसान पहुंच रहा है। लोगों ने प्रशासन से लीकेज ठीक करने की मांग की है। पानी की लीकेज कहां से हो रही है अभी निगम के कर्मचारियों को यह भी पता नहीं है।
लीकेज की होगी जांच: अभियंता
निगम अभियंता विजय गुप्ता ने कहा कि वह शहर से बाहर थे। बुधवार को मौके पर सहायक अभियंता को भेज लीकेज की जांच कर जल्द समस्या का समाधान किया जाएगा।