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Himachal News: सुक्खू सरकार ने पलटा अपना फैसला, गांवों में घरेलू उपभोक्ताओं से नहीं लेंगे पानी का बिल

Thu, 27 Feb 2025 06:09 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 27 Feb 2025 06:09 PM IST
सार

महाकुंभ से लौटकर सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठककर उन्हें आदेश जारी किए कि ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू उपभोक्ताओं से पानी का बिल न वसूला जाए। 

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Water bill will not be charged in rural areas of the state, Sukhu government put a stay on the decision
हिमाचल के गांवों में नहीं आएगा पानी का बिल। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल की सुक्खू सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में पानी का बिल वसूलने का अपना फैसला पलट दिया है। महाकुंभ से लौटकर सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठककर उन्हें आदेश जारी किए कि ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू उपभोक्ताओं से पानी का बिल न वसूला जाए। हालांकि, होम स्टे, होटल समेत अन्य व्यावसायिक गतिविधियां, अस्पताल और धर्मशालाओं से पानी के बिल की वसूली जारी रहेगी। पिछले साल सितंबर में ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों से 100 रुपये मासिक बिल वसूल करने का निर्णय सरकार ने लिया था। सरकार के फैसले के अनुसार जल शक्ति विभाग ने 1 अक्टूबर से कई जगह बिल की वसूली शुरू कर दी। अब सरकार ने लोगों को राहत देते हुए सिर्फ व्यावसायिक उपभोक्ताओं से ही बिल लेने के निर्देश विभाग को जारी किए हैं।

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महाकुंभ से लौटने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने ओकओवर में अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें उन्होंने गांवों में घरेलू उपभोक्ताओं से बिल वसूलने पर रोक लगा दी। हालांकि, व्यावसायिक उपभोक्ताओं को कोई राहत नहीं दी गई है। सरकार के फैसले के बाद जल शक्ति विभाग ने फील्ड के अधिकारियों को निर्देशों को लागू करने को कहा है। सरकार ने गांवों में पानी का 100 रुपये शुल्क वसूलने का जब फैसला लिया था। तब इसके पीछे आर्थिक तंगी का हवाला दिया गया था। अब अपना फैसला वापस लेने के बाद पीछे के कारण सरकार की ओर से स्पष्ट नहीं किए गए हैं। हालांकि, बताया जा रहा है कि राज्य मंत्रिमंडल की पिछली बैठक में बिल नहीं वसूलने को लेकर चर्चा की गई थी, इसके बाद अब मुख्यमंत्री ने बिल न लेने के आदेश जारी किए। गुरुवार को मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जनता के फीडबैक के बाद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने ग्रामीण क्षेत्रों में पानी का शुल्क लेने पर रोक लगा दी है। 

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जो बिल जमा करवा चुके, उन पर अभी फैसला नहीं
प्रदेश में कई जल शक्ति मंडलों में लोगों को पानी के बिल जारी कर दिए गए थे। एक साथ तीन-तीन महीनों के जारी बिल लोगों ने जमा की भी करवा लिए हैं। जिन लोगों ने बिल जमा करवा दिया है उन्हें राशि वापस लौटाई जाएगी या नहीं, इसको लेकर सरकार की तरफ से फिलहाल कोई निर्देश जारी किए गए हैं।

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जयराम सरकार ने निशुल्क किया था पानी
पूर्व की भाजपा सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को निशुल्क पानी देने का फैसला लिया था। सुक्खू सरकार ने इस फैसले को पलटा था और बिल लेने का फैसला लिया। इसका भाजपा ने प्रदेश में विरोध भी किया था। हालांकि, अब सरकार ने खुद ही अपना फैसला पलट दिया है।

ग्रामीण क्षेत्रों में 17 लाख पेयजल उपभोक्ता
प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 17 लाख पेयजल उपभोक्ता हैं। हिमाचल में वर्ष 2019 में जल जीवन मिशन योजना शुरू हुई। योजना के तहत प्रदेश में 9.50 लाख पानी के कनेक्शन लगे हैं। इससे पहले प्रदेश में 7.63 लाख पानी के कनेक्शन थे।

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