बयान से पलटे वीरभद्र सिंह, राहुल गांधी की तारीफ के पुल बांधे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी पर दिए बयान से पलट गए हैं। उन्होंने कहा कि उम्र के इस पड़ाव में उनकी अपनी कोई राजनीतिक इच्छा नहीं है। वह सिर्फ राहुल गांधी को मजबूत बनाने के लिए मैदान में हैं।
उन्होंने कहा कि मेरा लक्ष्य राहुल गांधी को ताकत देना है और इसके लिए हिमाचल में लोकसभा चुनाव के लिए कार्यकर्ताओं को तैयार किया जा रहा है।
शनिवार को भंजाल में आयोजित जनसभा में वीरभद्र ने राहुल की तारीफ के पुल बांधे।
कहा कि हिमाचल के कांग्रेस कार्यकर्ता में यह ताकत है कि चारों लोकसभा सीटों को जीतकर राहुल गांधी की झोली में डाल सकते हैं। उन्होंने कहा कि नेहरू गांधी परिवार से उन्होंने राजनीति शुरू की और आज भी इस परिवार का पूरा सहयोग मिलता है।
राहुल गांधी पार्टी के सर्वमान्य नेता हैं, उनके नेतृत्व में मोदी सरकार की हवा निकली है। मोदी सरकार का आकर्षण खत्म हो गया है। गत चुनावों में चाहे मोदी अच्छा प्रदर्शन करने में सफल रहे थे, लेकिन इस बार जनता का मोह भंग हो गया है। इसका परिणाम चुनावों में देखने को मिलेगा।
ऊना में और दौरे करेंगे वीरभद्र सिंह
उन्होंने कहा कि जिला ऊना में राकेश कालिया ने सफल जनसभा का आयोजन किया है। आने वाले समय में वह ऊना में और दौरे करेंगे। हमीरपुर हलके से लोकसभा चुनाव कांग्रेस का उम्मीदवार जीते, इसका भी पूरा प्रयास किया जाएगा।
वीरभद्र सिंह ने इस अवसर पर प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस में कार्य करते हुए उन्हें छह बार प्रदेश का नेतृत्व करने का मौका मिला है व एक बार केंद्रीय मंत्री पद से भी नवाजा गया है।
इस अवसर पर कांग्रेस विधायक दल के नेता मुकेश अग्निहोत्री, विधायक राजेंद्र राणा, पूर्व विधायक राकेश कालिया, बंबर ठाकुर, जिला कांग्रेस अध्यक्ष वीरेंद्र धर्माणी, पूर्व अध्यक्ष अविनाश कपिला, अभिषेक राणा, विनोद बिट्ट, बलवंत परमार, अनिल डढ़वाल, रेणुका सहित अन्य उपस्थित रहे।
सीएम को भटका रहे सलाहकार
वीरभद्र सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री नए हैं। ऐसे में समर्थक भी कई हैं और शक्ति के साथ काम करना चाहिए। सीएम पद की शक्ति है, उससे कार्य करना थोड़ा मुश्किल होता है, जिसे मन बनाकर करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के सलाहकार कई कोनों पर हो गए हैं और जो नए आए हैं, वे अपनी सलाह से गलत रास्ते पर भटका रहे हैं। भटकाव सरकार में साफ नजर आ रहा है।
वीरभद्र सिंह ने बीते शुक्रवार को चंडीगढ़ में कहा था कि पार्टी के अधिकांश नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में काम करने से हिचकिचा रहे हैं। बीते विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के लिए हाईकमान जिम्मेवार है। पार्टी हाईकमान ने विधानसभा चुनाव में ऐसे लोगों को टिकट बांटे, जिनका लोग नाम तक नहीं जानते थे।