चौधरी बीरेंद्र सिंह पर क्या बोले वीरभद्र सिंह?
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हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री और राजनीति के अखाड़े के पुराने दिग्गज वीरभद्र सिंह के पास कांग्रेस की किस्मत संवारने की कुछ पुख्ता सलाहें हैं। उनका मानना है कि पार्टी में हर स्तर पर पारदर्शिता के लिए पुराने नेताओं को विश्वास में लिया जाए।
वह कहते हैं कि जमीनी पकड़ न रखने वाले नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाया जाए और चौधरी बीरेंद्र सिंह जैसे अवसरवादियों के लिए पार्टी में जगह न हो। वीरभद्र सिंह ने अमर उजाला के सुजय मेहदूदिया से राजनीति और कांग्रेस समेत कई मुद्दों पर बातचीत की। पेश हैं संक्षिप्त अंश :
ऐसी खबरें हैं कि हिमाचल में पार्टी और सरकार साथ नहीं हैं। मुख्यमंत्री और हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख के बीच टकराव है?
ऐसी कोई बात नहीं है। हमें पार्टी का पूरा समर्थन मिल रहा है। लेकिन मैं इतना जरूर कहूंगा कि अगर राज्य के कांग्रेस प्रमुख पार्टी छोड़ कर जा चुके या हटाए गए नेताओं को वापस ले लेते तो विधानसभा और लोकसभा दोनों चुनावों में हमारा प्रदर्शन बेहतर होता।
कुछ अहम नेताओं की अनदेखी की गई। अब हम उन्हें पार्टी में वापस ला सकते हैं। दरअसल इस सारी दुर्गति की जड़ एआईसीसी के पूर्व महासचिव चौधरी बीरेंद्र सिंह रहे। उन्होंने पार्टी को जबरदस्त नुकसान पहुंचाया और चुनाव में हमें इसका खमियाजा भुगतना पड़ा। बीरेंद्र सिंह राजनीतिक और नैतिक तौर पर भ्रष्ट आदमी हैं और उन्हीं की वजह से हिमाचल में कांग्रेस की स्थिति खराब हुई।
कांग्रेस बेहद मुश्किल वक्त से गुजर रही है।
कांग्रेस बेहद बुरे दौर से गुजर रही है? दोबारा मजबूत होकर उभरने के लिए पार्टी को क्या करना होगा?
इसमें कोई शक नहीं कि कांग्रेस मुश्किल दौर से गुजर रही है। पार्टी मजबूत होकर उभरे इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर सदस्यता कार्यक्रम चलाना होगा और हर स्तर पर ईमानदारी से आंतरिक चुनाव कराने होंगे। इसके बाद ही पार्टी पुराना गौरव हासिल कर सकेगी। हार के बाद बुरी तरह हतोत्साहित पार्टी कार्यकर्ताओं में विश्वास बहाली के लिए यह बेहद जरूरी है।
आपकी नजर में आज के दौर में पार्टी किन बीमारियों से घिरी है?
कांग्रेस में आज ऐसे कई नेता हैं जिनका कोई जनाधार नहीं है और न ही उन्होंने अपने पूरे कैरियर में कोई चुनाव लड़ा है। ऐेसे लोग पार्टी में राज कर रहे हैं। पार्टी की दुर्गति के लिए यही लोग जिम्मेदार हैं। ऐसे जड़विहीन नेताओं को बाहर करना होगा ताकि यह मजबूत होकर उभरे और सांप्रदायिक ताकतों का सामना कर सके। हमें पार्टी में बेहतर जनाधार वाले नेताओं की जरूरत है।
पार्टी आलाकमान को पुराने नेताओं की सलाह लेनी चाहिए ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच कर कांग्रेस का जादू दोबारा जगाया जा सके । आज के दौर के सबसे अवसरवादी चौधरी बीरेंद्र सिंह का उदाहरण लें। कांग्रेस के अच्छे दिनों का फायदा उठाने वाले सिंह अब निजी फायदे के लिए भाजपा का दामन थामने को बेताब हैं। पार्टी पर ऐसे बोझ को उतार फेंकना चाहिए ताकि इसे और नुकसान न पहुंचे।
केंद्रीय मंत्री नीतिन गडकरी के समक्ष उठाई मांग
राज्य में राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क की स्थिति बेहद खराब है। क्या आपने केंद्र के सामने यह मुद्दा उठाया है?
मैंने पिछले शुक्रवार को सड़क और भूतल परिवहन मंत्री नीतिन ग़डकरी से बातचीत की। उन्होंने तुरंत कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया है। अगले दो-तीन साल में कीरतपुर-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर राज्य के लोगों और राहत महसूस होने लगेगी। यहां लेनिंग का काम सौंपा जा चुका है।
पहले फेज में कीरतपुर से नेहर चौक तक चार लेन की सड़क बनेगी और फिर इसके बाद नेहर चौक से मनाली तक। मैंने गडकरी साहब से शिमला-कांगड़ा सड़क को चार लेन बनाने के लिए सर्वे कराने का अनुरोध किया है। यह हिमाचल के चार-पांच अहम जिलों को कवर करती है। यह सड़क यहां की जीवनरेखा है। चीन सीमा से लगने वाली एनएच-5 जो पहले एनएच-22 था उसे प्राथमिकता के आधार पर किन्नौर जिले से जोड़ा जाना चाहिए।