सीएम वीरभद्र की बड़ी घोषणा, अब किसानों को नहीं देना होगा ये टैक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने हिमाचल के किसानों को बड़ा तोहफा दिया है। उन्होंने एलान किया कि कृषि कार्यों के लिए खरीदे गए ट्रैक्टरों का बकाया टैक्स माफ किया जाएगा। ट्रैक्टर मालिक से सालाना नहीं, अब ट्रैक्टर खरीदने के समय ही एकमुश्त टैक्स लिया जाएगा।
मामले को मंत्रिमंडल में रखा जाएगा। उन्होंने किसानों के लिए ट्रैक्टर खरीद की भूमि सीमा को समाप्त करने की भी घोषणा की। पूर्व में यह सीमा 20 कनाल थी। ऊना के हरोली विस क्षेत्र के खड्ड गांव में मंगलवार को जनसभा के बाद वीरभद्र सिंह ने भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड से पंजीकृत महिलाओं के लिए राज्य स्तरीय कल्याण योजना का शुभारंभ किया।
उन्होंने योजना के तहत 1100 महिला कामगारों को कपड़े धोने की मशीनें वितरित कीं और कहा कि पूरे प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से इन्हें आवंटित किया जाएगा। इससे पूर्व सीएम ने खड्ड में 12.25 करोड़ की लागत से कॉलेज भवन का शिलान्यास और हरोली में 10.27 करोड़ से निर्मित सिविल अस्पताल के भवन का लोकार्पण किया।
यह है ट्रैक्टर पर सालाना शुल्क
मौजूदा समय में हिमाचल प्रदेश में ट्रैक्टर पर सालाना 3500 रुपये का टैक्स वसूला जा रहा है। इसमें सेल टैक्स और आरटीओ की ओर से लिया जाने वाला कर शामिल है। कई ट्रैक्टर मालिक ऐेसे हैं जो वर्षों से टैक्स नहीं चुका पाए हैं। कई क्षेत्रों में टैक्स से बचने के लिए किसान ट्रैक्टरों का पंजीकरण ही नहीं करवा रहे। इसकी वजह से प्रदेश सरकार को राजस्व चूना लग रहा है।
सीएम ने कहा कि हमें यह चिंता नहीं कि किस हलके में किस पार्टी का विधायक है। पूरे प्रदेश में समान विकास करवाना सरकार का ध्येय है। उन्होंने कहा कि वह कालेधन के खिलाफ केंद्र सरकार के फैसले से 100 प्रतिशत सहमत हैं, लेकिन नोटबंदी का निर्णय जल्दबाजी में लिया गया। इससे आम लोगों को परेशानी हो रही है। इस मौके पर उद्योग मंत्री मुकेश अग्रिहोत्री, जिला कांग्रेस अध्यक्ष वीरेंद्र धर्माणी, कामगार कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष बाबा हरदीप सिंह और अन्य मौजूद रहे।