फैंसी गाड़ी नंबर लेने को अब ढीली करनी होगी जेब
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हिमाचल में अब गाड़ियों के फैंसी नंबर लेने के लिए लोगों को अपनी जेब ढीली करनी होगी। परिवहन विभाग ने फैंसी नंबरों का पंजीकरण शुल्क वसूलने के बाद ही नंबर बेचने की अधिसूचना जारी कर दी है। 0001 से 0100 तक गाड़ी नंबर लेने के लिए एक लाख रुपये का पंजीकरण शुल्क चुकाना पड़ेगा।
0001 से लेकर 0010 तक नंबर सरकारी गाड़ियों के लिए रिजर्व किए गए हैं। सरकार को भी इन नंबरों को लेने के लिए शुल्क चुकाना पड़ेगा। इसके अलावा 0101 से 0999 तक के गाड़ी नंबर 25 हजार रुपये और 1000 से 9999 के गाड़ी नंबर 5 हजार रुपये का शुल्क देने के बाद ही मिलेंगे। पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर नंबरों का आवंटन होगा।
फैंसी नंबर वाली गाड़ी बेची तो...
अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन ने अधिसूचना जारी की है। उन्होंने बताया है कि अगर फैंसी नंबर लेने वाली गाड़ी का एक्सीडेंट हो जाता है और गाड़ी इंश्योरेंस कंपनी के मुताबिक टोटल लॉस शो की जाती है तो ऐसी गाड़ी के मालिक को नई गाड़ी अपने ही नाम लेने के लिए नंबर का नया पंजीकरण शुल्क नहीं चुकाना पड़ेगा। पुराने वाला नंबर भी नई गाड़ी में इस्तेमाल किया जा सकेगा।
इसके अलावा अगर कोई वाहन मालिक फैंसी नंबर वाली गाड़ी को बेचना चाहता है तो फैंसी नंबर को अपने पास ही रख सकता है। ऐसे वाहन मालिक को एक साल के भीतर नई गाड़ी में पुराने फैंसी नंबर को लगाने की इजाजत दी जाएगी। ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी नंबर को सहेज कर रखेगी। अगर एक साल के भीतर पुराने फैंसी नंबर को इस्तेमाल नहीं किया तो विभाग उसे फिर नए सिरे से पंजीकरण शुल्क लेकर ही बेचेगा।
पहले ये थे रेट
नंबर==============रुपए
0001=============75 हजार
0002 से 0009======50 हजार
0010 से 0100=======35 हजार
0101 से 9999=======5 हजार