बच्चों के लिए खरीदी घटिया वर्दी, सरकार ने बिठाई जांच
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सोमवार को विधानसभा के बजट सत्र में सरकारी स्कूलों के बच्चों की वर्दी में घपले का मामला खूब गरमाया। भाजपा विधायक आईडी धीमान के सवाल पर खूब हंगामा हुआ। नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने घपले की जांच की मांग उठाई।
इस बीच बाली और धूमल के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। सीएम ने सदन में जवाब तो दिया पर विपक्ष संतुष्ट नहीं हुआ। बाद में खाद्य आपूर्ति मंत्री जीएस बाली ने सदन में ऐलान किया कि अगर ऐसा कोई मामला है तो प्रदेश सरकार इसकी जांच करवाएगी।
उन्होंने कहा कि अगर कोई बच्चा क्लेम करेगा कि उसकी वर्दी खराब है, तो उसे नई वर्दी भी दी जाएगी। इससे पहले धीमान के सवाल पर मुख्यमंत्री वीरभद्र ने बताया कि पिछले एक साल के दौरान स्कूल वर्दी के 193 सैंपल लिए गए।
इसमें से 27 सैंपल फेल पाए गए। इसके लिए ठेकेदार पर 3.88 करोड़ का जुर्माना लगाया गया। इस पर धीमान संतुष्ट नहीं हुए। ऐसे में मुख्यमंत्री ने बाली को जवाब देने को कहा।
बाली ने बताया कि जो ठेकेदार भाजपा के कार्यकाल में वर्दी आपूर्ति करते थे, वही अब भी कर रहे हैं। पहले अधिक गड़बड़ी होती थी, अब कम हो रही है। जवाब से असंतुष्ट धूमल ने जांच की मांग की।
ट्रिपल आईटी ऊना पर अब नया विवाद
ऊना में प्रस्तावित ट्रिपल आईटी पर नया विवाद खड़ा हो गया है। कुटलैहड़ के विधायक वीरेंद्र कंवर ने आरोप लगाया कि आनन-फानन में एक मंत्री ने बिना केंद्र सरकार की अनुमति के ही शिलान्यास कर दिया।
उन्होंने केंद्र से अनुमति की अधिसूचना की प्रति सदन में रखने की मांग की। विधायक ने यह आरोप भी लगाया कि पूर्व भाजपा सरकार ने जिस बंजर भूमि पर ट्रिपल आईटी खोलने के लिए प्रस्तावित किया था, उसके बजाय दूसरी जगह 3000 हरे पेड़ काटने की तैयारी है।
केंद्रीय टीम को बंजर जमीन तक नहीं दिखाई गई। इस पर नेता प्रतिपक्ष ने भी मोर्चा संभाल लिया। धूमल ने कहा कि हमें गोलमोल जवाब नहीं चाहिए। विपक्ष सीधा सवाल कर रहा है, उसका सीधा जवाब चाहिए।