{"_id":"670523f817ad7f089600ca35","slug":"vendors-will-not-be-able-to-sell-firecrackers-to-minors-in-the-district-shimla-news-c-19-sml1001-421754-2024-10-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: जिले में नाबालिगों को पटाखे नहीं बेच पाएंगे विक्रेता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: जिले में नाबालिगों को पटाखे नहीं बेच पाएंगे विक्रेता
विज्ञापन
जिला प्रशासन ने जारी किए निर्देश, पटाखे के आमने-सामने स्टाल लगाने पर भी पाबंदी
एक जगह पर लगेंगे पटाखों के केवल 50 स्टाल
खास खबर
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। आपकी उम्र 18 साल से कम है और आप दोस्तों के साथ पटाखे खरीदने की सोच रहे हैं तो आप नहीं खरीद पाएंगे। आपको को पटाखे खरीदने के लिए किसी वयस्क को साथ ले जाना होगा।
यह निर्देश जिला प्रशासन की तरफ से जारी किए हैं। यह पहली बार है कि जब पटाखा बाजार में आमने-सामने स्टाल भी नहीं लगा सकेंगे। हर स्टाल में तीन मीटर का फासला होना चाहिए। एक जगह पर 50 से अधिक स्टाल भी नहीं लगा सकते। यह सभी व्यवस्था लोगों की सुरक्षा के लिहाज से की गई है। प्रशासन का कहना है कि अवैध पटाखों के निर्माण के दौरान अनेक दुर्घटनाएं हुई हैं। इसके साथ अवैध तरीके से पटाखों का आयात होने की खबरें भी मिलती हैं जिसमें संवेदनशील रासायनिक पदार्थ शामिल होते हैं और जिनकी भारतीय कानून के तहत अनुमति नहीं है। आतिशबाजी विक्रेता द्वारा फॉर्म एलई-3 और एलई-5 में लाइसेंस की शर्तों का सख्ती से पालन किया जाना आवश्यक है।
प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि रंगीन, स्टार माचिस और रोल, डॉट कैप्स को छोड़कर क्लोरेट युक्त आतिशबाजी का सामान लाइसेंस प्राप्त आतिशबाजी दुकानों में न रखा जाए। लिथियम, एटिमनी, पारा, आर्सेनिक, सीसा और स्ट्रोंटियम क्रोमेट के यौगिकों वाले पटाखों का भंडारण न करें। आतिशबाजी दुकानों का आपातकालीन निकास द्वार पूरी तरह खुला होना चाहिए और आपातकालीन निकास मार्ग में कोई अवरोध न रखें। दुकान के अंदर आतिशबाजी या ग्राहकों की भीड़ न होने दें।
विज्ञापन
दुकानों में खुले में न रखें आतिशबाजी
प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि आतिशबाजी की दुकानों में आतिशबाजी खुले में न रखें। आतिशबाजी रखने और बेचने के दौरान धूम्रपान या किसी भी प्रकार का खुला लैंप, लालटेन, मोमबत्ती आदि जलाने की अनुमति नहीं होगी। विक्रेता और श्रमिकों को आतिशबाजी के सुरक्षित संचालन के बारे में प्रशिक्षण दिया जाए। परिसर में पर्याप्त संख्या में अग्निशामक यंत्र और रेत से भरीं बाल्टियां रखें। इन आदेशों का उल्लंघन करने वाले के खिलाफ विस्फोटक नियम, 2008 के नियम 127 और 128 के तहत कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
कोट
जिला शिमला में दीपावली के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से गुप्त रूप से आयातित आतिशबाजी, अनाधिकृत निर्माण एवं अवैध बिक्री पर प्रतिबंध रहेगा। एक जगह पर 50 से अधिक स्टाल नहीं लगेंगे। 18 साल से कम उम्र के बच्चों को पटाखें नहीं बेचे जाएंगे।
-अजीत भारद्वाज, जिला दंडाधिकारी, कानून एवं व्यवस्था, शिमला
विज्ञापन
एक जगह पर लगेंगे पटाखों के केवल 50 स्टाल
खास खबर
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। आपकी उम्र 18 साल से कम है और आप दोस्तों के साथ पटाखे खरीदने की सोच रहे हैं तो आप नहीं खरीद पाएंगे। आपको को पटाखे खरीदने के लिए किसी वयस्क को साथ ले जाना होगा।
यह निर्देश जिला प्रशासन की तरफ से जारी किए हैं। यह पहली बार है कि जब पटाखा बाजार में आमने-सामने स्टाल भी नहीं लगा सकेंगे। हर स्टाल में तीन मीटर का फासला होना चाहिए। एक जगह पर 50 से अधिक स्टाल भी नहीं लगा सकते। यह सभी व्यवस्था लोगों की सुरक्षा के लिहाज से की गई है। प्रशासन का कहना है कि अवैध पटाखों के निर्माण के दौरान अनेक दुर्घटनाएं हुई हैं। इसके साथ अवैध तरीके से पटाखों का आयात होने की खबरें भी मिलती हैं जिसमें संवेदनशील रासायनिक पदार्थ शामिल होते हैं और जिनकी भारतीय कानून के तहत अनुमति नहीं है। आतिशबाजी विक्रेता द्वारा फॉर्म एलई-3 और एलई-5 में लाइसेंस की शर्तों का सख्ती से पालन किया जाना आवश्यक है।
विज्ञापन
प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि रंगीन, स्टार माचिस और रोल, डॉट कैप्स को छोड़कर क्लोरेट युक्त आतिशबाजी का सामान लाइसेंस प्राप्त आतिशबाजी दुकानों में न रखा जाए। लिथियम, एटिमनी, पारा, आर्सेनिक, सीसा और स्ट्रोंटियम क्रोमेट के यौगिकों वाले पटाखों का भंडारण न करें। आतिशबाजी दुकानों का आपातकालीन निकास द्वार पूरी तरह खुला होना चाहिए और आपातकालीन निकास मार्ग में कोई अवरोध न रखें। दुकान के अंदर आतिशबाजी या ग्राहकों की भीड़ न होने दें।
विज्ञापन
दुकानों में खुले में न रखें आतिशबाजी
प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि आतिशबाजी की दुकानों में आतिशबाजी खुले में न रखें। आतिशबाजी रखने और बेचने के दौरान धूम्रपान या किसी भी प्रकार का खुला लैंप, लालटेन, मोमबत्ती आदि जलाने की अनुमति नहीं होगी। विक्रेता और श्रमिकों को आतिशबाजी के सुरक्षित संचालन के बारे में प्रशिक्षण दिया जाए। परिसर में पर्याप्त संख्या में अग्निशामक यंत्र और रेत से भरीं बाल्टियां रखें। इन आदेशों का उल्लंघन करने वाले के खिलाफ विस्फोटक नियम, 2008 के नियम 127 और 128 के तहत कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
कोट
जिला शिमला में दीपावली के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से गुप्त रूप से आयातित आतिशबाजी, अनाधिकृत निर्माण एवं अवैध बिक्री पर प्रतिबंध रहेगा। एक जगह पर 50 से अधिक स्टाल नहीं लगेंगे। 18 साल से कम उम्र के बच्चों को पटाखें नहीं बेचे जाएंगे।
-अजीत भारद्वाज, जिला दंडाधिकारी, कानून एवं व्यवस्था, शिमला