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Shimla News: सतलुज पेयजल योजना में वॉल्व लगाने का काम पूरा, शहर को मिलेगा अब रोज पानी
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खास खबर..
शकरोड़ी से दवाडा तक पेयजल लाइन में लगाए नए वॉल्व, अब 22 केवी सब-स्टेशन से भी चलेगी योजना
टेस्टिंग शुरू, अगले हफ्ते से मिलेगा 15 एमएलडी पानी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहरवासियों के लिए राहत भरी खबर है। राजधानी में अगले हफ्ते से पानी की राशनिंग खत्म हो सकती है। जुलाई से ठप पड़ी सतलुज पेयजल योजना को दोबारा चलाने के लिए टेस्टिंग शुरू कर दी है।
शकरोड़ी और दवाडा पंपिंग स्टेशनों पर अभी इसकी टेस्टिंग की जा रही है। अगले दो-तीन दिन में टेस्टिंग सफल रहने पर इसे सुचारू रूप से चलाने पर फैसला लिया जाएगा। पेयजल कंपनी का दावा है कि अगले हफ्ते से शहर को सतलुज योजना से रोजाना 15 एमएलडी पानी मिलने लगेगा। सतलुज से आपूर्ति शुरू होने पर शहरवासियों को भी रोज पानी दिया जाएगा। कंपनी का दावा है कि शहर में अब पानी का संकट नहीं रहेगा। राजधानी में अभी तीसरे और चौथे दिन पेयजल आपूर्ति हो रही है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नगर निगम सदन में भी मंगलवार को पार्षदों ने पेयजल किल्लत को लेकर सवाल उठाए थे। सतलुज पेयजल योजना बंद होने से कंपनी को शहर में पानी की राशनिंग करनी पड़ी है। यह योजना जुलाई के अंत से बंद है। अब कंपनी ने इटली से नए वॉल्व मंगवाकर इन्हें पेयजल लाइन में लगाने का काम पूरा कर दिया है। शकरोड़ी से दवाडा और दवाडा से डूम्मी तक की मुख्य पेयजल लाइन में यह हाई प्रेशर एयर वॉल्व लगाए हैं। कंपनी का दावा है कि 22 केवी बिजली सब-स्टेशन से भी अब योजना की 66 केवी क्षमता वाली पंपिंग मशीनरी चलाने में परेशानी नहीं आएगी।
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अभी मिल रहा 40 एमएलडी पानी
शिमला शहर को गिरि-गुम्मा समेत अन्य चार छोटी पेयजल योजनाओं से रोजाना औसतन 40 से 42 एमएलडी पानी मिल रहा है। शहर को रोज पानी देने के लिए 48 से 50 एमएलडी पानी चाहिए। अब सतलुज से 15 एमएलडी पानी मिलने पर शहर में रोज पानी दिया जाएगा। सतलुज योजना पंपिंग मशीनरी में लो वोल्टेज और ट्रिपिंग के कारण बार-बार ठप हो रही थी। 22 केवी सब-स्टेशन से 66 केवी की मशीनरी चलाने के कारण यह दिक्कत आ रही थी। इससे पेयजल लाइन में लीकेज का भी खतरा पैदा हो गया था। अचानक पंपिंग बंद होने के कारण पेयजल लाइन पर पड़ने वाले दबाव को कम करने के लिए कंपनी ने नए वॉल्व लगाए हैं।
शहर में नहीं रहेगा पानी का संकट
सतलुज पेयजल योजना की पाइपलाइन में वॉल्व लगाने का काम पूरा कर लिया गया है। अब इसकी टेस्टिंग की जा रही है। टेस्टिंग सफल रहने पर एक-दो दिन के बाद शिमला के लिए पानी की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। शहर में पानी का संकट नहीं रहेगा।
-वीरेंद्र सिंह ठाकुर, प्रबंध निदेशक शिमला जल प्रबंधन निगम
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शकरोड़ी से दवाडा तक पेयजल लाइन में लगाए नए वॉल्व, अब 22 केवी सब-स्टेशन से भी चलेगी योजना
टेस्टिंग शुरू, अगले हफ्ते से मिलेगा 15 एमएलडी पानी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहरवासियों के लिए राहत भरी खबर है। राजधानी में अगले हफ्ते से पानी की राशनिंग खत्म हो सकती है। जुलाई से ठप पड़ी सतलुज पेयजल योजना को दोबारा चलाने के लिए टेस्टिंग शुरू कर दी है।
शकरोड़ी और दवाडा पंपिंग स्टेशनों पर अभी इसकी टेस्टिंग की जा रही है। अगले दो-तीन दिन में टेस्टिंग सफल रहने पर इसे सुचारू रूप से चलाने पर फैसला लिया जाएगा। पेयजल कंपनी का दावा है कि अगले हफ्ते से शहर को सतलुज योजना से रोजाना 15 एमएलडी पानी मिलने लगेगा। सतलुज से आपूर्ति शुरू होने पर शहरवासियों को भी रोज पानी दिया जाएगा। कंपनी का दावा है कि शहर में अब पानी का संकट नहीं रहेगा। राजधानी में अभी तीसरे और चौथे दिन पेयजल आपूर्ति हो रही है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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नगर निगम सदन में भी मंगलवार को पार्षदों ने पेयजल किल्लत को लेकर सवाल उठाए थे। सतलुज पेयजल योजना बंद होने से कंपनी को शहर में पानी की राशनिंग करनी पड़ी है। यह योजना जुलाई के अंत से बंद है। अब कंपनी ने इटली से नए वॉल्व मंगवाकर इन्हें पेयजल लाइन में लगाने का काम पूरा कर दिया है। शकरोड़ी से दवाडा और दवाडा से डूम्मी तक की मुख्य पेयजल लाइन में यह हाई प्रेशर एयर वॉल्व लगाए हैं। कंपनी का दावा है कि 22 केवी बिजली सब-स्टेशन से भी अब योजना की 66 केवी क्षमता वाली पंपिंग मशीनरी चलाने में परेशानी नहीं आएगी।
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अभी मिल रहा 40 एमएलडी पानी
शिमला शहर को गिरि-गुम्मा समेत अन्य चार छोटी पेयजल योजनाओं से रोजाना औसतन 40 से 42 एमएलडी पानी मिल रहा है। शहर को रोज पानी देने के लिए 48 से 50 एमएलडी पानी चाहिए। अब सतलुज से 15 एमएलडी पानी मिलने पर शहर में रोज पानी दिया जाएगा। सतलुज योजना पंपिंग मशीनरी में लो वोल्टेज और ट्रिपिंग के कारण बार-बार ठप हो रही थी। 22 केवी सब-स्टेशन से 66 केवी की मशीनरी चलाने के कारण यह दिक्कत आ रही थी। इससे पेयजल लाइन में लीकेज का भी खतरा पैदा हो गया था। अचानक पंपिंग बंद होने के कारण पेयजल लाइन पर पड़ने वाले दबाव को कम करने के लिए कंपनी ने नए वॉल्व लगाए हैं।
शहर में नहीं रहेगा पानी का संकट
सतलुज पेयजल योजना की पाइपलाइन में वॉल्व लगाने का काम पूरा कर लिया गया है। अब इसकी टेस्टिंग की जा रही है। टेस्टिंग सफल रहने पर एक-दो दिन के बाद शिमला के लिए पानी की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। शहर में पानी का संकट नहीं रहेगा।
-वीरेंद्र सिंह ठाकुर, प्रबंध निदेशक शिमला जल प्रबंधन निगम